एयरपोर्ट परिसर में ट्रक से फायर टेंडर वाहन उतारते।
अयोध्या। विमान में आग लगी तो अब अयोध्या एयरपोर्ट की फायर टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में वक्त नहीं गंवाना पड़ेगा। महार्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अयोध्याधाम की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में दुबई से 6.7 करोड़ रुपये का अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट रेस्क्यू फायर फाइटिंग (एआरएफएफ) टेंडर शामिल किया गया है। करीब 36 टन वजनी यह वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से दौड़ सकता है।
रनवे से लेकर टैक्सी-वे और एप्रन तक किसी बड़े हादसे की स्थिति में यह वाहन एयरपोर्ट की फर्स्ट रिस्पॉन्स यूनिट का अहम हिस्सा होगा। इसकी तेज रफ्तार का सीधा फायदा यह होगा कि फायर टीम कम से कम समय में आग के स्रोत तक पहुंचकर ऑपरेशन शुरू कर सकेगी।
दुबई की फायर फाइटिंग उपकरण निर्माता कंपनी नैफ्को द्वारा निर्मित इस वाहन में 10 हजार लीटर पानी रखने की क्षमता है। आग पर तेजी से काबू पाने के लिए इसमें दो फायर फाइटिंग मॉनिटर लगाए गए हैं। एक वाहन के आगे बंपर पर और दूसरा छत पर है। इनके जरिए आग की दिशा में सीधे पानी या फायरफाइटिंग एजेंट का तेज दबाव के साथ छिड़काव किया जा सकता है।
वाहन को अत्याधुनिक रेस्क्यू उपकरणों से भी लैस किया गया है। ऐसे में विमान हादसे या एयरफील्ड पर बड़ी अग्नि दुर्घटना होने पर इसकी भूमिका सिर्फ आग बुझाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राहत और बचाव अभियान की शुरुआती कार्रवाई में भी अहम होगी।
एयरपोर्ट निदेशक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि इस फायर टेंडर की तैनाती से एयरपोर्ट की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत होगी। विमानों की आवाजाही वाले संवेदनशील क्षेत्र में तेज रफ्तार, बड़ी जल क्षमता और दोहरी फायर मॉनिटरिंग सिस्टम इसे सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाते हैं।