राहुल सांकृत्यायन भवन से पत्रकारिता विभाग की ओर जाने वाली धंसी सड़क।
अयोध्या। अवध विश्वविद्यालय परिसर में हाल ही में बनाई गई नई डामर सड़क निर्माण पूरा होने के कुछ ही दिनों बाद कई स्थानों पर धंसने लगी है। करीब 500 मीटर लंबी यह सड़क विश्वविद्यालय के महापंडित राहुल सांकृत्यायन भवन से पत्रकारिता विभाग की ओर जाने वाले मार्ग पर सबसे अधिक प्रभावित हुई है।
सड़क का एक हिस्सा नीचे बैठ गया है, जिससे चार पहिया वाहनों के फंसने का खतरा बना हुआ है। वहीं, लाइब्रेरी से गर्ल्स हॉस्टल तक का मार्ग भी जगह-जगह ऊबड़-खाबड़ हो गया है और बीच-बीच में सड़क धंसने के निशान दिखाई दे रहे हैं।
विश्वविद्यालय परिसर में लगभग 1.5 करोड़ रुपये की लागत से तीन लाख लीटर क्षमता वाले भूमिगत जल टैंक का निर्माण कराया जा रहा है। इसी परियोजना के तहत करीब 2400 मीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन बिछाई गई है, जिससे शैक्षणिक भवनों, विभागों और प्रशासनिक कार्यालयों तक नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जानी है। पाइपलाइन डालने के लिए सड़क को खोदा गया था। इसके बाद 27 और 28 जून को प्रस्तावित राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के दौरे से पहले सड़क का डामरीकरण कराया गया।
डामरीकरण के कुछ ही दिनों बाद सड़क कई स्थानों पर धंसने लगी। एक-दो और तेज बारिश के बाद सड़क का बड़ा हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। राज्यपाल ने बैठक में निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न करने के निर्देश दिए थे।
अभी अस्थायी सड़क बनाई गई है
परियोजना के सहायक अभियंता विवेक पांडेय ने बताया कि फिलहाल धूल उड़ने से रोकने और आवागमन बनाए रखने के लिए सड़क का अस्थायी डामरीकरण कराया गया है। अभी परियोजना के तहत कई स्थानों पर दोबारा खुदाई की जानी है। उन्होंने बताया कि पूरे पेयजल प्रोजेक्ट का कार्य पूरा होने के बाद सड़क का स्थायी निर्माण कराया जाएगा।