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Ayodhya News: जूनियर डॉक्टर को तीमारदार ने जड़ा थप्पड़, हंगामा

Fri, 09 Aug 2024 04:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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मेडिकल कॉलेज में विरोध दर्ज करा रहे चिकित्सकों को समझाते प्राचार्य।
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अयोध्या। नशे में धुत एक तीमारदार ने बुधवार की देर रात मेडिकल कॉलेज दर्शननगर के लेबर रूम में महिला जूनियर डॉक्टर को थप्पड़ जड़ दिया। बृहस्पतिवार की सुबह इससे आक्रोशित जूनियर रेजीडेंटों ने हड़ताल करके ओपीडी में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे प्राचार्य से कई राउंड की वार्ता के बाद कार्रवाई के आश्वासन पर चिकित्सक शांत हुए। उधर, पुलिस ने आरोपी तीमारदार को हिरासत में लेकर चालान किया है। हंगामे के दौरान लगभग दो घंटे तक पंजीकरण व ओपीडी सेवायें बाधित रहीं।
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मेडिकल कॉलेज दर्शननगर लेबर रूम में बुधवार की रात लगभग 12:30 बजे पूराकलंदर थाना क्षेत्र के भदोखर निवासी पूनम देवी नामक महिला को उनके पति राम बहादुर व अन्य तीमारदार लेकर पहुंचे थे। पुरुष तीमारदारों को अंदर जाने से रोका गया तो मरीज का देवर रविंद्र यादव नाराज हो गया। उसने जूनियर डॉक्टर स्वीकृति व एक अन्य डॉक्टर के साथ हाथापाई की। इसके बाद डॉक्टर भड़क उठे। हंगामा बढ़ने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी तीमारदार को हिरासत में ले लिया और उस समय मामला रफा-दफा किया। लेकिन डॉक्टरों का आक्रोश शांत नहीं हुआ।
बृहस्पतिवार सुबह सभी विभागों के जूनियर रेजीडेंट, पीजी कर रहे अन्य रेजीडेंट समेत कई चिकित्सक ओपीडी में जमा हो गए और लगभग 09:30 बजे उन्होंने ओपीडी परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार पहुंचे और डॉक्टरों से बातचीत की, लेकिन डॉक्टर आरोपी पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने प्राचार्य के सामने हाथों में ''डॉक्टर का बुरा हाल, बदहाल अयोध्या के अस्पताल'', ''रामराज्य या गुंडाराज'', ''लाउड गून्स डीफ एडमिनिस्ट्रेशन'', ''स्टाॅप वायलेंस अगेन्स्ट डॉक्टर्स'' जैसे स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर विरोध जताया। आरोपी तीमारदार पर केस दर्ज कराने का आश्वासन देने पर डॉक्टर शांत हुए।
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पंजीकरण के बिना नहीं शुरू हुआ इलाज
ओपीडी में पंजीकरण काउंटर के सामने ही जूनियर डॉक्टरों के धरना-प्रदर्शन के कारण लगभग दो घंटे तक पंजीकरण नहीं हो सका। दूरदराज से विभिन्न बीमारियों से ग्रसित होकर मरीज पहुंचे तो उन्हें काफी देर तक डाॅक्टरों के शांत होने का इंतजार करना पड़ा।

वार्डों से भी निकल गए जूनियर डॉक्टर, बेपटरी रहीं स्वास्थ्य सेवाएं
वार्डों में वरिष्ठ चिकित्सकों की सलाह के बाद मरीज की पूरी देखभाल की जिम्मेदारी जूनियर डॉक्टरों के कंधों पर ही होती है। ऐसे में उनके आंदोलित होने से वार्ड डॉक्टरों से खाली हो गए। सुबह से राउंड लेने व मरीज के समुचित इलाज में भी तमाम दिक्कतें हुईं।

परिसर में जगह-जगह लगी पुलिस
-हंगामा बढ़ने पर मेडिकल कॉलेज परिसर में पुलिस बल बुलाया गया। दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची, जिसे नयी बिल्डिंग से लेकर ओपीडी व लेबर रूम तक जगह-जगह मुस्तैद किया गया।

नशे की हालत में तीमारदार ने मारपीट व धक्का-मुक्की की थी। उसी समय पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। डॉक्टरों ने कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था, उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया गया है। स्थिति अब सामान्य है।
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-डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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