जाना बाजार। हैदरगंज कस्बे में मंगलवार दोपहर मानवता और स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। बारिश के बीच सड़क किनारे प्रसव पीड़ा से तड़पती एक महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के फार्मासिस्ट ने बिना परचा बनाए यह कहते हुए छोड़ दिया कि ड्यूटी का समय खत्म हो गया। बाद में समाजसेवियों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया। महिला मानसिक बीमार बताई जा रही है।
दोपहर करीब एक बजे समाजसेवी शेर मोहम्मद ने महिला को सड़क किनारे तड़पते देखा। उन्होंने अन्य लोगों की मदद से महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगंज पहुंचाया। आरोप है कि दोपहर दो बजे के बाद पीएचसी पर तैनात फार्मासिस्ट एजाज अहमद ने ड्यूटी समाप्त होने की बात कहकर बिना कोई परचा बनाए चले गए। यहां तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. अखिलेश तिवारी की मेला ड्यूटी लगी है।
महिला अस्पताल के फर्श पर ही दर्द से वह कराहती रही। समाजसेवियों ने एंबुलेंस बुलाई लेकिन रेफर पर्चा न होने से दिक्कत हुई। हैदरगंज थाने के कांस्टेबल सोनू की मदद से महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रमवाकला पहुंचाया। वहां चिकित्सक डॉ. अब्दुल कादिर ने हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
पांच वर्ष पहले हो चुकी है पति की मौत
स्थानीय लोगों के अनुसार, महिला के पति की पांच वर्ष पहले मौत हो चुकी है और उसका एक सात वर्षीय बच्चा भी है। मानसिक रूप से बीमार होने के कारण वह कई वर्षों से बाजार में भटकती रहती थी। लोगों के दिए भोजन से पेट भर रही थी। इसी दौरान किसी हवसी का शिकार हो गई।
मामला संज्ञान में आया है। उन्होंने सीएचसी अधीक्षक से बात की है और मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. देवेंद्र सिंह भिटौरिया
मुख्य चिकित्साधिकारी अयोध्या।