बीकापुर। खजूरहट ग्राम पंचायत निवासी अर्पिता पांडेय को मुख्यमंत्री आवास स्वीकृत किया गया है। सोशल मीडिया पर घर की बदहाली का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ था। डीएम के निर्देश पर विकास विभाग ने मुख्यमंत्री आवास देने के लिए कवायद तेज कर दी है।
अर्पिता अपने तीन बच्चों के साथ खंडहर नुमा मकान में रह रही थीं। उन्हें खाने-पीने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद कई राजनेता, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि उनकी मदद के लिए आगे आए। उन्हें घरेलू सामान, खाद्यान्न और आर्थिक सहायता दी गई। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मामले का संज्ञान लिया और जिलाधिकारी अयोध्या को निर्देश दिए। इसके बाद तहसील और विकासखंड प्रशासन ने सरकारी योजनाओं का लाभ देना शुरू किया। खंड विकास अधिकारी गणेश दत्त शुक्ल ने बताया कि आवास की धनराशि जल्द ही अर्पिता के खाते में पहुंच जाएगी। परियोजना निदेशक श्वेता वर्मा ने शनिवार को अर्पिता के घर पहुंचकर स्वीकृत पत्र सौंपा।
अर्पिता के पति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और वह इधर-उधर घूमते रहते हैं। उनका कच्चा मकान गिरकर खंडहर बन चुका था। उनका नाम प्रधानमंत्री आवास की सूची में शामिल नहीं था। इसके लिए पंचायत सचिव और क्षेत्रीय लेखपाल को दोषी माना जा रहा है। मौके पर पहुंचे विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि उनकी स्थिति देखकर दंग रह गए थे।
दलित वनराजा बस्ती में दो परिवारों के घर ढहे
जाना बाजार। बरसात के चलते दलित वनराजा बस्ती में दो परिवारों के आवासीय मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए। उनके घरों में रखा सारा गृहस्थी का सामान भी नष्ट हो गया। पीड़ित परिवार अब बच्चों सहित दूसरों के घरों में शरण लेने को मजबूर हैं। यह घटना थाना क्षेत्र हैदर गंज की ग्राम पंचायत जाना स्थित पंडित पुरा कॉलोनी में हुई। रंगीला पत्नी दिनेश और संगीता पत्नी भोले के छप्पर वाले आशियाने ढह गए। मकान गिरने की सूचना मिलने पर राजस्वकर्मी गुलशन मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि बरसात से गिरे मकानों के आर्थिक आकलन की रिपोर्ट एसडीएम को भेज दी गई है। यह रिपोर्ट परिवारों को आर्थिक मदद दिलाने के उद्देश्य से भेजी गई है।