अयोध्या। जिला अस्पताल में कॉर्डियोलॉजिस्ट के फर्जी होने के साथ ही अब प्रदेश के दो और डॉक्टरों की नियुक्ति भी संदेह के घेरे में है। ये वही चिकित्सक हैं, जिनकी नियुक्ति फर्जी डॉक्टर के साथ के आदेश में हुई है। हालांकि, अभी तक नियुक्ति आदेश की सत्यापन रिपोर्ट नहीं मिली है। जानकारों का मानना है कि यदि सही ढंग से जांच हुई तो कई बड़े चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं।
छह सितंबर, 2023 को विशेष सचिव धीरेंद्र सिंह सचान के डिजिटल हस्ताक्षर से प्रदेश के तीन अस्पतालों में एक-एक फिजीशियन की तैनाती का आदेश सार्वजनिक हुआ। इसी आदेश पर डॉ. विनोद कुमार सिंह ने 26 सितंबर, 2023 को जिला अस्पताल में कार्यभार ग्रहण कर लिया। पी-2 पोर्टल पर डिग्रियां व कागजात अपलोड करते समय चिकित्सक की डिग्रियों पर संदेह हुआ। उसका वेतन रोककर डिग्रियों का सत्यापन कराया गया, जो कि फर्जी निकलीं। इस बीच चिकित्सक त्यागपत्र देकर फरार हो गया।
उसी नियुक्ति आदेश के क्रम संख्या एक पर डॉ. आकर्ष एस व क्रम संख्या दो पर डॉ. मो. इरफान अली खान की नियुक्ति भी हुई है, जिन्हें क्रमश: सौ बेड के संयुक्त चिकित्सालय हरदोई व डॉ. राम मनोहर लोहिया पुरुष जिला चिकित्सालय फर्रुखाबाद में तैनाती दी गई है। संभवत: उन दोनों चिकित्सकों ने भी संबंधित अस्पतालों में ज्वाइन कर लिया है।
इस नियुक्ति पत्र पर विशेष सचिव धीरेंद्र सिंह सचान के डिजिटल युक्त हस्ताक्षर हैं। ऐसे में इन दोनों चिकित्सकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी अब संदेह के घेरे में आ गई है। लोग इनके भी फर्जी होने की आशंका जता रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि या तो यह आदेश फर्जी होगा या चिकित्सक ने सही नियुक्ति आदेश में छेड़छाड़ की होगी। विभाग भी शासन से निर्देश मिलने का इंतजार कर रहा है।
अपर निदेशक डॉ. सुशील प्रकाश से वार्ता के कुछ अंश
सवाल : नियुक्ति आदेश ही तो फर्जी नहीं?
जवाब: वास्तविकता जानने के लिए नियुक्ति आदेश का सत्यापन कराया जा रहा है।
सवाल : प्रकरण में आगे क्या होना है?
जवाब : शासन को आख्या भेज दी गई है, आदेशानुसार कार्रवाई होगी।
सवाल : जब डॉक्टर की डिग्रियां फर्जी मिलने की पुष्टि हो सकती है तो क्या अस्पताल की ओर से एफआईआर नहीं होगी?
जवाब : अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता। शासन के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।