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Ayodhya News: चार साल में तीन बार अयोध्या आए अखिलेश, हर बार रामलला से दूरी

Fri, 09 Oct 2026 01:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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लोगों का अ​भिवादन करते अ​खिलेश यादव।
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अयोध्या। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का अयोध्या से सियासी रिश्ता भले ही पुराना है, लेकिन रामलला के दर्शन को लेकर उनकी दूरी एक बार फिर चर्चा में है। बृहस्पतिवार को पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ‘पवन’ के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में शामिल होने अयोध्या पहुंचे अखिलेश यादव राम मंदिर नहीं गए। इस पर संतों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और उन पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।
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अखिलेश यादव ने कथा स्थल पर भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़े सामाजिक न्याय, समानता, प्रेम, दया और बंधुत्व के संदेश पर बात की। संतों का कहना है कि भागवत कथा के मंच से कृष्ण और न्याय की बात करने वाले अखिलेश का रामलला के दर्शन के लिए मंदिर न जाना सवाल खड़े करता है।
अखिलेश 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी अयोध्या में रोड शो करने पहुंचे थे। उनका रोड शो नया घाट तक गया था, लेकिन उन्होंने रामलला के दर्शन नहीं किए थे। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी वह फैजाबाद क्षेत्र में चुनावी कार्यक्रम में पहुंचे। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद जनवरी 2024 में निमंत्रण के संदर्भ में उन्होंने कहा था कि समारोह के बाद दर्शन के लिए आएंगे। अब 2026 में अयोध्या आने के बावजूद रामलला के दर्शन न करने को लेकर संतों ने सवाल उठाए हैं।
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अखिलेश और मुलायम कभी रामभक्त नहीं रहे
महामंडलेश्वर गिरीश दास ने कहा कि अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव कभी रामभक्त नहीं रहे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने रामभक्तों पर गोली चलवाई, उनकी राम के प्रति श्रद्धा नहीं हो सकती। अखिलेश के अयोध्या आकर रामलला के दर्शन न करने से उनका रुख एक बार फिर स्पष्ट हुआ है।
ऐसे कालनेमी हिंदू से सावधान रहने की जरूरत
हनुमानगढ़ी के पुजारी राजूदास ने कहा कि सत्ता में रहते हुए रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले सत्ता से बाहर होने पर भागवत कथा में पहुंचते हैं। उन्होंने हिंदुओं से ऐसे लोगों के प्रति जागरूक रहने की अपील की। राजूदास ने आरोप लगाया कि ऐसे लोग सनातन धर्म और संस्कृति का अपमान करते हैं।
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