अयोध्या। अयोध्या में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए एक मास्टर प्लान बनाया है। इस योजना में राम मंदिर और आसपास एआई आधारित हाईटेक कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे रियल टाइम निगरानी रखेंगे और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करेंगे।
यह व्यवस्था भीड़ के दबाव का आकलन करने और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने में सहायक होगी। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के अनुसार, रेड जोन का सुरक्षा प्लान शासन को भेजा गया है, जबकि यलो जोन पर मंथन जारी है। प्रशासन भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष रणनीति पर काम कर रहा है। इसमें अतिरिक्त पुलिस बल और पार्किंग व्यवस्था शामिल है। प्रमुख धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या 30 लाख तक पहुंच जाती है।
सुरक्षा कर्मियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनकर तैयार
अयोध्या। बेगमपुरा क्षेत्र में 228 सुरक्षा कर्मियों के लिए एक अत्याधुनिक ट्रांजिट हॉस्टल बनकर तैयार हो गया है। 22.22 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह परिसर अब पुलिस विभाग को सौंपा जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप यह हॉस्टल अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा। इसमें कुल 38 बैरक हैं, जिनमें एक साथ 228 जवान रह सकेंगे। परिसर में चार ब्लॉक बनाए गए हैं। बेसमेंट में पार्किंग और स्टोर की सुविधा है। भूतल पर 18 बैरक, किचन और डाइनिंग हॉल हैं। प्रथम तल पर 20 बैरक और अतिरिक्त शौचालय जैसी आवासीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस परियोजना का वित्त-पोषण उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग द्वारा किया गया है। कार्य 15 अक्टूबर 2024 को शुरू हुआ था और निर्धारित समय में पूरा कर लिया गया।
यह ट्रांजिट हॉस्टल रामनगरी की सुरक्षा में तैनात जवानों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। अयोध्या में बढ़ते पर्यटन और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए ऐसे आवास की आवश्यकता थी। अब सुरक्षा कर्मी बेहतर वातावरण, स्वच्छ आवास और आरामदायक सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। लोक निर्माण विभाग खंड दो के अधिशासी अभियंता उमेश चंद्र ने कहा कि इससे जवानों का मनोबल बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि यह परियोजना अयोध्या को अत्याधुनिक शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जल्द ही औपचारिक उद्घाटन के बाद हॉस्टल को चालू कर दिया जाएगा, जिससे सुरक्षा कर्मियों को तत्काल लाभ मिल सकेगा।