अयोध्या। गुजारा भत्ता अदायगी के लिए अपर प्रधान न्यायाधीश की अदालत से पति जुनूद खां के विरुद्ध जारी रिकवरी वारंट पर थाना अहिरौली की पुलिस को दो तरह की रिपोर्ट भेजना भारी पड़ गया। पीड़िता शमा परवीन के प्रार्थना पत्र पर न्यायाधीश अल्पना सक्सेना ने अंबेडकर नगर के अहिरौली थानाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 27 जून को न्यायालय उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
थाना मवई के कुंडरा निवासी शमा परवीन का निकाह अंबेडकर नगर के थाना अहिरौली क्षेत्र क बाला पैकौली निवासी जुनूद खां पुत्र नईम खां के साथ हुआ। जुनूद ने अपनी पत्नी को छोड़ दिया। इस संबंध में पारिवारिक न्यायालय में मुकदमा चला और कोर्ट ने पत्नी व उसकी दो पुत्रियों को 9000 रुपये प्रति माह गुजारा भत्ता दिए जाने का आदेश पारित किया। गुजारा भत्ता के 4.10 लाख की वसूली के लिए रिकवरी वारंट जारी किया गया ।
थाना अहिरौली की पुलिस ने जुनूद खां के नाम कोई चल अचल संपत्ति नहीं होने तथा ग्राम प्रधान का प्रमाण पत्र दाखिल करते हुए कि रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल की। इसके साथ ही जुनूद खां के पिता की ओर से उसे न्यायालय में तारीख पेशी पर हाजिर करने के लिखित कथन की रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल की। पत्नी शमा परवीन ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया कि जुनूद खां को गिरफ्तार करने के बजाय पुलिस ने दो अलग-अलग रिपोर्ट न्यायालय में पेश कीं। प्रार्थना पत्र का संज्ञान लेते हुए अदालत ने पुलिस की विरोधाभासी रिपोर्ट पर कड़ा रुख अख्तियार किया। न्यायाधीश ने अंबेडकर नगर जिले के अहिरौली थानाध्यक्ष को न्यायालय में तलब करते हुए दो तरह की रिपोर्ट देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश पारित किया है। साथ ही आदेश की एक प्रति अंबेडकर नगर के पुलिस कप्तान को भेजे जाने का निर्देश दिया है।