13- कार्यशाला में भारतीय पशु चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष का स्वागत करते कुलपति- विश्वविद्यालय
कुमारगंज। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के पशु चिकित्सा व पशुपालन महाविद्यालय के सभागार में कृषि पशुओं के प्रजनन स्वास्थ्य में प्रगति व चुनौतियां विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्य अतिथि भारतीय पशु चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष व विधायक डाॅ. डीसी वर्मा ने कहा कि दूध एक संपूर्ण आहार है। इसके उत्पादन पर अधिक ध्यान देना होगा। भारत वर्तमान समय में तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। इसे मजबूत करने में कृषि और डेयरी के क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है।
उन्होंने कहा कि मादा पशुओं की संख्या को बढ़ाने के लिए सेक्स सार्टेड सीमन तैयार करना होगा। इससे निराश्रित गोवंश की संख्या में भी कमी होगी। उन्होंने कहा कि पशुओं को बीमारी से बचाव के लिए समय-समय पर जांच होनी चाहिए और उन्हें स्वच्छ व साफ-सफाई वाली जगहों पर रखना चाहिए।
कुलपति डाॅ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि गायों की संख्या लगातार घट रही है। हर घर में पशुपालन में तेजी से कमी आ रही है। वर्तमान समय में पशुओं में सबसे बड़ी समस्या पोषणयुक्त भोजन की है, जिससे दुग्ध उत्पादन में कमी आ रही है। कृषि विवि भी आईबीएफ पर काम कर रहा है। पशुओं में स्वास्थ्य प्रगति के लिए वसा संपूरक और खनिज मिश्रण जैसे विशेष आहार विकसित किए जा रहे हैं, जो गायों और भैसों की प्रजनन क्षमता को बढ़ाते हैं। तकनीक में सुधार के कारण प्रजनन दर में बढ़ोत्तरी हुई है।
पं. दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, मथुरा के प्रोफेसर अतुल सक्सेना ने पशुओं में प्रजनन पर व्याख्यान देते हुए पशुओं में प्रजनन सुधार से ही दुग्ध उत्पादन में उत्तरोत्तर वृद्धि की बात कही। डॉ. भूपेंद्र सिंह व डाॅ. सुशांत श्रीवास्तव देखरेख में आयोजित कार्यक्रम में आयोजक सचिव डाॅ. रवींद्र वर्मा, डाॅ. धर्मेश तिवारी, डाॅ. राजेश, डाॅ. विभा यादव, सभी अधिष्ठाता, निदेशक, वैज्ञानिक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।