अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय जल्द ही मैक्सिको और मोरक्को के शोध संस्थान से समझौता करेगा। इससे विश्वविद्यालय में शोध कार्य को बढ़ावा मिलेगा। इसका फायदा यह भी होगा कि विश्वविद्यालय में अध्ययन करने वाले विद्यार्थी बाहरी दुनिया देख सकेंगे। यह कहना है विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह का। अमर उजाला से बातचीत करते हुए डॉ. सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में शिक्षक-छात्र अनुपात को दुरुस्त करना है। इसके लिए विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को तत्काल भरा जाएगा। नियुक्ति का पैमाना केवल योग्यता व अनुभव ही होगा। अभी कई विभागों में शिक्षकों के कई पद रिक्त हैं। इसका असर अध्यापन कार्य पर पड़ रहा है। विश्वविद्यालय के लिए नैक रैकिंग और ग्रेडिंग महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि विद्यार्थी यहां से क्या सीखकर बाहर निकलते हैं। इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वह स्वयं क्लासरूम में बैठकर इस बात का मूल्यांकन करेंगे कि छात्रों को कक्षाओं में क्या परोसा जा रहा है। अध्यापक विषय के बारे में विद्यार्थियों को क्या जानकारी दे रहे हैं।
पारदर्शी व्यवस्था होगी लागू, वाहनों में लगेंगे जीपीएस
डॉ. सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में पूरी पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत पहले चरण में विश्वविद्यालय की सभी गाड़ियों को जीपीएस से लैस किया जाएगा ताकि यह पता चल सके कि विश्वविद्यालय की गाड़ियां कहां और किस मकसद से चल रही हैं। विश्वविद्यालय की वेबसाइट को बदला जा रहा है। इसमें सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। विद्यार्थी, शिक्षक तथा कर्मचारी सभी के लिए उनके दरवाजे खुले हुए हैं। वह आकर अपनी समस्याओं के बारे में बात कर सकते हैं। छात्रों की समस्याओं के निस्तारण के लिए एक मेल आईडी उपलब्ध करा दिया गया है। अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी। लेकिन किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छात्रावास के नियम कानून विद्यार्थियों को मानने होंगे। वार्डन को हॉस्टल में समय देने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए योग पर विशेष जोर दिया जाएगा। विश्वविद्यालय के विकास में सभी वर्गों को साथ लेकर चला जाएगा।