अयोध्या। इस वर्ष माहे रमजान में एक खास स्थिति बनने जा रही है। चांद की स्थिति के अनुसार इस बार रमजान के दौरान पांच जुमा पड़ने की संभावना है। अगर ऐसा हुआ तो 26 साल बाद दो बार अलविदा की नमाज अदा किए जाने की स्थिति बन सकती है। आमतौर पर रमजान के महीने में चार ही जुमा पड़ते हैं, लेकिन इस बार पूरे 30 दिनों का रमजान होने की स्थिति में पांच जुमा होने की संभावना जताई जा रही है।
यदि रमजान 30 दिन का रहता है तो आखिरी दिन भी जुमा पड़ेगा, जिसे अलविदा का जुमा माना जाएगा। वहीं अगर 29 दिन का चांद नजर आता है तो उस दिन ईद मनाई जाएगी और उससे पहले वाला जुमा अलविदा का जुमा होगा। इस साल रमजान में पहला जुमा 20 फरवरी को हो चुका है, जबकि दूसरा जुमा 27 फरवरी को पड़ा। तीसरा जुमा छह मार्च को था। चौथा 13 मार्च और पांचवां जुमा 20 मार्च को पड़ सकता है। ऐसे में चांद की स्थिति के अनुसार दो अलविदा की नमाज पढ़े जाने की संभावना बन रही है।
जानकार बताते हैं कि ऐसी स्थिति करीब 26 साल पहले 1999 और 2000 में भी बनी थी। अंजुमन गुंचा ए मजलूमिया के सचिव जियो हैदर का कहना है कि लगभग 12–13 साल में इस तरह के हालात बनते हैं, जब रमजान में पांच जुमा पड़ जाते हैं और दो अलविदा की नमाज की स्थिति बन जाती है। ईद उल फितर की तारीख भी चांद पर निर्भर करेगी। यदि रमजान 30 दिन का हुआ तो ईद 21 मार्च को मनाई जाएगी, जबकि 29 का चांद नजर आने पर ईद 20 मार्च को मनाई जा सकती है।