अयोध्या। बड़ा रविवार पर सूर्यकुंड श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना रहा। सूर्योदय के साथ ही सूर्यकुंड परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सूर्यकुंड में स्नान, भगवान सूर्यनारायण के दर्शन और पूजन के लिए आसपास के जिलों से दो लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। भोर से शुरू हुआ श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला दिन चढ़ने के साथ बढ़ता गया। मेले में झूले, मौत का कुआं, खेल-तमाशे, खिलौनों और मिठाइयों की दुकानें आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
श्रद्धालुओं ने सूर्यकुंड में स्नान के बाद भगवान सूर्यनारायण का दर्शन-पूजन किया। मान्यता है कि प्राचीन सूर्यकुंड का निर्माण अयोध्या के सूर्यवंशी शासकों ने कराया था। वेदों में सूर्य को जगत की आत्मा कहा गया है। मान्यता है कि सूर्यकुंड में स्नान और सूर्य मंदिर में दर्शन-पूजन करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं तथा रोगों से मुक्ति मिलती है। प्रचलित मान्यता के अनुसार, सूर्यवंशी राजा घोष का कुष्ठ रोग यहां स्नान करने से ठीक हुआ था। इतिहास के अनुसार, 19वीं शताब्दी में शाकद्वीपीय राजा दर्शन सिंह ने सूर्यकुंड और मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। उनके नाम पर ही कस्बे का नाम दर्शननगर पड़ा। राजा दर्शन सिंह का निधन 1844 में हुआ था।
सूर्यकुंड परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी के नेतृत्व में निरीक्षक, उप निरीक्षक, महिला उप निरीक्षक और महिला आरक्षियों की ड्यूटी लगाई गई। जल पुलिस की टीम मोटरबोट के साथ तैनात रही।
अंबेडकरनगर से बलरामपुर तक पहुंचे श्रद्धालु
मेले में अयोध्या के अलावा अंबेडकरनगर, गोंडा, बस्ती, संतकबीरनगर, बलरामपुर, सुल्तानपुर समेत आसपास के कई जिलों से श्रद्धालु पहुंचे। दोपहर तक मेला क्षेत्र में भीड़ बढ़ती गई। परिवारों ने मेले में खरीदारी की और बच्चों ने झूले व खेल-तमाशों का आनंद लिया। दुकानों और खानपान के स्टॉलों पर भी दिनभर चहल-पहल रही।
रामलला को 56 भोग, सूर्य मंदिर में विशेष अनुष्ठान
अयोध्या। बड़ा रविवार पर राममंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। रामलला को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। रामलला को लाल रंग का रत्नजड़ित वस्त्र धारण कराया गया और दोपहर में विशेष भोग लगाया गया। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। राममंदिर के परकोटा स्थित सूर्य मंदिर में भगवान सूर्यनारायण की विशेष आराधना की गई। मंदिर को फूलों से सजाया गया। वहीं, परकोटा स्थित गणेश मंदिर में भी दर्शन के लिए भक्तों की कतार लगी रही।