अयोध्या। इग्नू अध्ययन केंद्र के समन्वयक प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने कहा कि परंपरागत शैक्षिक पद्धति से जुड़े विद्यार्थियों को व्यावसायिक रूप से दक्ष बनाने के लिए इग्नू की ओर से नए कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में पर्यटन और होटल प्रबंधन के क्षेत्र में युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करने के लिए बड़ी पहल की गई है।
केंद्र समन्वयक डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के एमबीए विभाग में शिक्षा से सर्वोच्चता अभियान के तहत परंपरागत शैक्षिक पद्धति के विद्यार्थियों की कौशल अभिवृद्धि व ज्ञान संवर्धन के लिए इग्नू अध्ययन केंद्र के व्यावसायिक पाठ्यक्रमों पर आयोजित परिचर्चा में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि इग्नू व मान्यवर कांशीराम पर्यटन प्रबंधन संस्थान के बीच किए गए एमओयू के अंतर्गत चार नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम जुलाई 2025 सत्र से शुरू हो रहे हैं।
इन कोर्सों में तीन सर्टिफिकेट कोर्स फ्रंट ऑफिस ऑपरेशन, हाउस कीपिंग ऑपरेशन, फूड एंड बेवरेज सर्विस ऑपरेशन और एक पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन होटल ऑपरेशन शामिल हैं। सर्टिफिकेट कोर्स छह महीने का होगा। इसमें दो महीने की थ्योरी क्लास और चार महीने की इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग कराई जाएगी। डिप्लोमा कोर्स एक वर्षीय होगा। इसमें चार महीने का सैद्धांतिक शिक्षण और आठ महीने का औद्योगिक प्रशिक्षण शामिल रहेगा। इसका उद्देश्य युवाओं को व्यावसायिक दक्षता प्रदान करना है, जिससे वे रोजगार प्राप्त करने या स्वयं का व्यवसाय शुरू करने में सक्षम बन सकें। इन पाठ्यक्रमों की फीस न्यूनतम है।
इग्नू के क्षेत्रीय उप निदेशक डॉ. कीर्ति विक्रम सिंह ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगारोन्मुखी, लचीली और व्यावहारिक शिक्षा मिलेगी। इन पाठ्यक्रमों में उद्योग आधारित विशेषज्ञता और प्रशिक्षण को प्रमुखता दी गई है। इससे युवाओं को देश-विदेश के होटल और पर्यटन सेवाओं में रोजगार पाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे इस अवसर का लाभ लेकर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अग्रसर हों। इस दौरान डॉ. रामजीत सिंह यादव, डॉ. आशुतोष पांडेय, डॉ. श्रीश अस्थाना व सूरज सिंह समेत छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।