अयोध्या। राम मंदिर की व्यवस्थाओं को और व्यवस्थित करने के लिए अब प्रसाद और परिक्रमा समिति का गठन किया जाएगा। रामलला के भक्तों को हर दिन अलग-अलग तरह का प्रसाद देने की तैयारी है। वहीं, रामलला के भोग में कान्हा की नगरी मथुरा के घी का प्रयोग किया जाएगा। इसके साथ ही राम मंदिर परिसर में स्थित सभी मंदिरों की नित्य परिक्रमा की व्यवस्था शुरू करने की भी तैयारी है।
पिछले दिनों हुई राम मंदिर ट्रस्ट की धार्मिक समिति की बैठक में प्रसाद और परिक्रमा सहित विभिन्न धार्मिक व्यवस्थाओं को लेकर मंथन किया गया। तय किया गया कि इन व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग समितियां गठित कर जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। प्रसाद समिति श्रद्धालुओं को दिए जाने वाले प्रसाद की गुणवत्ता, स्वरूप और प्रतिदिन के प्रसाद का निर्धारण करेगी। विशेष पर्वों और धार्मिक अवसरों पर विशेष प्रसाद की व्यवस्था भी इसी समिति के स्तर से तय की जाएगी। रामलला के दर्शन के लिए देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को ट्रस्ट की ओर से प्रतिदिन प्रसाद उपलब्ध कराया जाता है। अब इसमें विविधता लाने की तैयारी है। हर दिन अलग-अलग प्रसाद दिए जाने की योजना पर काम किया जा रहा है। पर्व और विशेष अवसरों पर प्रसाद को और विशेष बनाने पर भी विचार किया गया है। इसके लिए प्रसाद की गुणवत्ता और शुद्धता पर विशेष जोर रहेगा।
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परिसर के सभी मंदिरों की होगी परिक्रमा
- राम मंदिर परिसर में रामलला के मुख्य मंदिर के साथ अन्य मंदिरों का भी निर्माण किया गया है। अब परिसर के सभी मंदिरों को शामिल करते हुए नित्य परिक्रमा की व्यवस्था शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए परिक्रमा समिति गठित होगी। समिति यह तय करेगी कि साधु-संतों और श्रद्धालुओं के लिए परिक्रमा मार्ग किस तरह व्यवस्थित किया जाए, ताकि धार्मिक परंपरा के साथ श्रद्धालुओं को सुविधा भी मिल सके।
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अलग-अलग व्यवस्थाओं के लिए बनेगी कमेटी
- राम मंदिर के संचालन और व्यवस्थाओं को लेकर ट्रस्ट नई कार्ययोजना तैयार कर रहा है। यात्री सुविधाओं, प्रसाद, परिक्रमा, सुरक्षा समेत अलग-अलग व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। इनके संचालन के लिए समितियां गठित की जाएंगी। पूरी व्यवस्था के मुख्य संचालक सीईओ जितेंद्र मिश्र होंगे। सीईओ जितेंद्र मिश्र का कहना है कि अभी व्यवस्थाओं को समझने का प्रयास किया जा रहा है। ट्रस्ट के आदेश और मार्गदर्शन के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।