अयोध्या। राज्य कर विभाग के अयोध्या जोन के 5,225 व्यापारियों को एमनेस्टी योजना के तहत 84 करोड़ का क्षमादान मिला है। इसके तहत बकाया कर जमा करने पर अर्थदंड और ब्याज से मुक्ति मिली है। वहीं, 4,551 व्यापारी मौके का फायदा नहीं उठा सके हैं।
अयोध्या जोन के सभी नौ जिले में मौजूदा वर्ष में लगभग 70 हजार व्यापारी पंजीकृत हैं। इनमें 9,776 ऐसे व्यापारी थे, जिन पर 180.77 करोड़ टैक्स बाकी था। इस पर 179.32 करोड़ रुपये ब्याज और 36.40 करोड़ जुर्माना लगा था। इन्हें राहत देने के मकसद से बीते दिनों विभाग ने एमनेस्टी योजना शुरू की थी।
इसके तहत वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 का कर जमा करने पर ब्याज व जुर्माना माफ होना था। हालांकि, अपील दाखिल न करने व दाखिल अपील वापस लेने वालों को ही इसका लाभ मिलना था। योजना के तहत पूरे जोन में 5,225 व्यापारियों ने आवेदन किया। इनमें संभाए ए के 1611, बी के 2123 और गाेंडा के 1491 व्यापारी शामिल थे। इन्होंने 61.88 करोड़ रुपये मूल कर जमा किया तो उन्हें 84 करोड़ रुपये माफी का लाभ मिला। इसमें 67.91 करोड़ रुपये ब्याज और 16.33 करोड़ रुपये जुर्माना शामिल था।
इनसेट
अयोध्या जोन के संभाग ए में अयोध्या के अलावा सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर व अमेठी जिले आते हैं। यहां के व्यापारियों को सर्वाधिक छूट मिली है। यहां मात्र 1611 व्यापारियों ने ही आवेदन किया था, जिन पर 31.67 करोड़ ब्याज और 5.88 करोड़ जुर्माना लगा था।
जीएसटी अधिवक्ता पीयूष सिंघल ने बताया कि सीजीएसटी अधिनियम की धारा 61/73 के तहत नोटिस मिलने वालों के लिए यह योजना थी। ब्याज और जुर्माना पहले ही चुकाने वालों को इससे कोई रिफंड नहीं मिलना था। सरकार की यह योजना व्यापारियों को राहत पहुंचाने वाली रही।