अयोध्या। नगर निगम की सीमा विस्तार के सात साल बाद भी दशरथ कुंड वार्ड बदहाली झेल रहा है। वार्ड में अब तक केवल 25 फीसदी विकास कार्य पूरे हुए हैं, जबकि 75 फीसदी काम अभी बाकी है। करीब 10 हजार की आबादी सड़क, सीवर, पेयजल और जलनिकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रही है।
इस वार्ड में आशिफबाग, हलकारा का पुरवा, चकिया, पाठकपुर, सरयूबाग, पसीयाना, हैबतपुर और काजीपुर चितवा सहित कुल 14 मोहल्ले शामिल हैं। लोगों को शहर जैसी बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद थी, लेकिन वह अभी दूर नजर आ रही हैं।
वार्ड में सबसे बड़ी समस्या जलनिकासी और सड़कों की है। कई मोहल्लों में सीवर लाइन नहीं पहुंची है। जहां पाइप बिछाए गए हैं, वहां अधिकांश घरों को कनेक्शन नहीं मिले हैं। सीवर लाइन को मुख्य नालों से भी नहीं जोड़ा गया है। सीवर डालने के बाद सड़कों का पुनर्निर्माण नहीं हुआ, जिससे आवागमन में लोगों को परेशानी होती है। पार्षद ज्ञानवती ने बताया कि वार्ड की समस्याओं को लेकर नगर निगम में कई बार शिकायत की गई, लेकिन समाधान संतोषजनक नहीं हो रहा है।
स्थानीय निवासी शिवकुमार ने बताया कि सड़कों का पुनर्निर्माण न होने से लोग रोजाना चोटिल हो रहे हैं। बारिश में आशिफबाग चौराहे से खुजहा कुंड तक सड़क पानी में डूब जाती है और घंटों जलभराव रहता है।
तेजी से बढ़ रहे निर्माण कार्यों के बीच सफाई व्यवस्था भी पिछड़ रही है। नियमित कूड़ा उठान न होने से कई स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। स्थानीय निवासियों राहुल यादव, अजीत यादव और रामकृष्ण पासवान ने बताया कि नालियों की सफाई न होने से हल्की बारिश में गलियों में पानी भर जाता है। पूरे वार्ड में अभी तक नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो सकी है।
इनसेट- अपर नगर आयुक्त भारत भार्गव ने कहा कि विस्तारित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने सफाई संबंधी शिकायतों को दूर करने के निर्देश दिए जाने की बात कही।