पूरा बाजार। शासन स्तर से ग्राम पंचायतों में निर्वाचित सदस्यों को प्रत्येक कार्ययोजना की बैठक में शामिल होने पर सौ रुपये मानदेय देने का प्रावधान है। इसके बावजूद विकासखंड पूरा बाजार की 54 ग्राम पंचायतों के 702 पंचायत सदस्यों को मानदेय के नाम पर अभी तक कोई राशि नहीं मिली है। सभी पंचायत सदस्य बीते चार साल से मानदेय की बकाया हो चुकी राशि 33.69 लाख रुपये की राशि पाने के इंतजार में हैं।
स्थानीय पंचायत सदस्यों का आरोप है कि अधिकांश ग्राम पंचायतों में बैठकें होती ही नहीं और जहां होती हैं, वहां खानापूर्ति कर ली जाती है। ग्राम पंचायत जलालुद्दीन नगर के सदस्य दीपक, सभाजीत, आलोक राना, उषा सिंह, राजेंद्र गुप्ता और जितेंद्र कुमार ने बताया कि शासनादेश के बाद भी न तो नियमित बैठकें हो रही हैं और न ही मानदेय मिल रहा है। ग्राम पंचायत गंगौली की सदस्याएं भानुमति, जयकला, अनारकली व कुसुम भी अब तक मानदेय से वंचित हैं। ग्राम पंचायत नरायनपुर के सदस्य बैजनाथ पांडेय ने बताया कि दो साल से अधिक समय से कोई बैठक नहीं हुई और एक भी रुपया मानदेय नहीं मिला।
इस संबंध में एडीओ पंचायत रविंद्र वर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि बैठक हर माह होना अनिवार्य है। एडीओ के अनुसार 702 सदस्यों को प्रतिमाह 100 रुपये के हिसाब से एक माह का कुल मानदेय 70,200 रुपये होता है। चार वर्षों में यह राशि 33,69,600 रुपये होती है, जो अब तक सदस्यों को नहीं दी गई। खंड विकास अधिकारी पूरा अनुराग सिंह ने भी माना कि पंचायत सदस्यों को उनका हक मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, कुछ पंचायत सदस्य जागरूक होते हैं, जो अपना भुगतान मांगकर ले लेते हैं। कुछ को तो अपना अधिकार ही नहीं मालूम होता है। (संवाद)