अयोध्या। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 14 वर्ष की किशोरियों को लगाए जा रहे एचपीवी टीके की मुहिम जिले में अभी लक्ष्य से काफी पीछे है। निर्धारित 29,804 पात्र किशोरियों में से अब तक सिर्फ 9,971 को ही टीका लग सका है। यानी 66.5 प्रतिशत किशोरियां टीकाकरण से वंचित हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारणों में शामिल है। इससे बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाने का निर्णय लिया है। इसका मकसद वायरस के संपर्क में आने से पहले ही शरीर में इसके खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित करना है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में 14 वर्ष की पात्र किशोरियों के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।
हालांकि, तमाम भ्रांतियों और जागरूकता की कमी के कारण जिले में यह अभियान परवान नहीं चढ़ पा रहा है। हालांकि, इस टीकाकरण के मामले में अयोध्या प्रदेश में 23वें स्थान पर है और राज्य के औसत से करीब छह प्रतिशत आगे है। अब एनएचएम की मिशन निदेशक ने सभी डीएम और सीएमओ को 31 अगस्त तक टीकाकरण लक्ष्य शत-प्रतिशत पूर्ण करने का निर्देश दिया है।
टीकाकरण सत्रों के साथ उतरेंगे मोबाइल टीमें
मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने जारी पत्र में कहा कि पांच से 10 अगस्त तक आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से पात्र किशोरियों का सर्वे कर यू-विन पोर्टल पर प्री-रजिस्ट्रेशन कराया जाए। जिन क्षेत्रों में आशा नहीं हैं, वहां सीएचओ, एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को जिम्मेदारी दी जाए। रोज समीक्षा कर लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति सुनिश्चित की जाए। जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और उपकेंद्र स्तर पर नियमित टीकाकरण प्लेटफॉर्म के साथ मोबाइल टीमों के माध्यम से भी टीकाकरण कराया जाए। सीएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया ने बताया कि शासन के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।