3-मेडिकल काॅलेज का निरीक्षण करते प्रभारी मंत्री सूर्यप्रताप शाही व अन्य।-संवाद
अयोध्या। प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सोमवार को मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। इस दौरान लगभग 65% संकाय सदस्य नदारद रहे। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने सभी से स्पष्टीकरण मांगने व पिछले पांच दिनों की उपस्थिति के रिकॉर्ड तलब करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे और महापौर गिरीश पति त्रिपाठी के साथ सोमवार की सुबह लगभग 10 बजे प्रभारी मंत्री मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इस दौरान अस्पताल परिसर में चिकित्सकों व संकाय सदस्यों की घोर लापरवाही उजागर हुई। इस समय तक प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. अंशू मिश्रा, मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. विमलेश वर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वीरेंद्र वर्मा, डॉ. पीयूष गुप्ता, डॉ. मनीष वर्मा समेत लगभग 35% संकाय सदस्य ही उपस्थित रहे।
डॉ. वीरेंद्र वर्मा और डॉ. विमलेश वर्मा के साथ प्रभारी मंत्री ने कॉलेज परिसर का निरीक्षण किया। सबसे पहले वह पंजीकरण काउंटर पर गए। वहां मरीजों की भारी भीड़ दिखी। इसके बाद ओपीडी के एक-एक कक्ष में गए, जहां अधिकांश जगहों पर संकाय सदस्य अनुपस्थित मिले। परिसर में जगह-जगह गंदगी का अंबार दिखा।
बीएससी नर्सिंग के विद्यार्थी कीचड़ से घिरे स्थान पर पढ़ाई करते दिखे, जिस पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। कॉलेज परिसर की सफाई के लिए रोस्टर बनाने के निर्देश दिए। पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी आदि विभागों में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वार्डों और ओपीडी में जाकर मरीजों का हालचाल लिया और अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के समय अनुपस्थित संकाय सदस्यों को नोटिस दिया गया है। पिछले पांच दिन की उनकी उपस्थिति के रिकॉर्ड मांगे गए हैं। सीएसआर फंड के तहत बनने वाली डायलिसिस इकाई शासन की अनुमति की वजह से लंबित है, जिसके लिए प्राचार्य को टीम के साथ बुलाया गया है। कॉलेज में बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए एसओपी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर सीडीओ कृष्ण कुमार व अन्य मौजूद रहे।