अमर उजाला ब्यूरो
अयोध्या। स्वास्थ्य व बाल विकास विभाग का प्रयास रंग लाया है। जिले में पांच वर्ष तक के एनीमिया ग्रसित बच्चों में 5.1 फीसदी की कमी आई है। स्टांटिंग (नाटापन व बौनापन) में 6.6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसी तरह बच्चों के अल्प वजन में 7.4 प्रतिशत की गिरावट आई है।
यह जानकारी कमिश्नर गौरव दयाल ने बाल विकास व अन्य सहयोगी विभागों की सोमवार को आयुक्त कार्यालय के गांधी सभागार में हुई कार्यशाला में दी। उन्होंने कहा कि ये परिणाम उत्साहजनक हैं लेकिन इसमें और सुधार लाने के लिए संयुक्त प्रयास करना होगा। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के निर्माण और अपग्रेडेशन का काम तेज किया जाए। विद्युत व पेयजल की व्यवस्था करने के साथ शौचालयों का निर्माण कराया जाए। लाभार्थियों में खाद्यान्न का नियमित वितरण सुनिश्चित हो। इसके लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज, मनरेगा, खाद्य एवं रसद, ग्राम्य विकास और नगर विकास विभाग को मिलकर काम करना होगा।
सीडीओ ऋषिराज ने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कम संसाधनों में उत्कृष्ट परिणाम दे सकते हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय त्रिपाठी ने विभागीय योजनाओं के लाभार्थियों सहित अति कुपोषित व कुपोषित बच्चों का आंकड़ा प्रस्तुत किया। इस दौरान 15 आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। छह बाल विकास परियोजना अधिकारी, पांच मुख्य सेविका, पांच ग्राम प्रधानों, यूनिसेफ की मंडलीय कोऑर्डिनेटर अनीता एवं मंडल के पांच जिला कार्यक्रम अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र दिया गया। पानी संस्थान, एचडीएफसी, वेदांता समूह, श्रीअन्न पर आधारित उद्यम ग्रैंड मां सहित कई गैर सरकारी संस्थाओं ने अपने कार्यों का रोड मैप प्रस्तुत किया।