अयोध्या। चैत्र रामनवमी मेले को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए जिले के तीन अस्पतालों में 50 बेड आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा मेला क्षेत्र में 15 स्थानों पर अस्थायी उपचार केंद्र बनाए जा रहे हैं, जहां शिफ्टवार चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती रहेगी।
जिले में 19 मार्च से 27 मार्च तक चैत्र रामनवमी मेला प्रस्तावित है। इस दौरान देश-दुनिया से श्रद्धालुओं का जमावड़ा होगा। श्रद्धालु सरयू स्नान के बाद रामलला, हनुमानगढ़ी, नागेश्वरनाथ आदि मंदिरों में दर्शन-पूजन करेंगे। इस लिहाज से बड़े पैमाने पर भीड़ का अनुमान लगाया जा रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ रखने के लिए विभाग ने कमर कस ली है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राममणि शुक्ला ने बताया कि रामनवमी मेले के लिए मेडिकल कॉलेज दर्शननगर और जिला अस्पताल में 20-20 व श्रीराम चिकित्सालय में 10 बेड का वार्ड आरक्षित किया जाएगा। 15 अस्थायी उपचार केंद्रों, मेला नियंत्रण कक्ष, स्वीपर कैंप आदि में प्रकाश की व्यवस्था कराई जाएगी। संपूर्ण क्षेत्र में शाम छह से आठ बजे तक फॉगिंग कराई जाएगी। प्रत्येक केंद्र पर तीन-तीन डॉक्टर, फार्मासिस्ट व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
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यहां बनेंगे उपचार केंद्र
हनुमानगढ़ी, अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन, कनक भवन मंदिर परिसर, श्रीराम जन्मभूमि के दो निकास द्वार, नागेश्वरनाथ मंदिर, पक्काघाट, कारसेवकपुरम, साकेत पेट्रोल पंप, अंतरराष्ट्रीय बस स्टेशन अयोध्या धाम, दशरथ महल, लता चौक, हनुमानगुफा, झुनकी घाट व कंट्रोल रूम में अस्थायी उपचार केंद्र बनेंगे। पक्काघाट पर आठ बेड का अस्थायी अस्पताल भी बनेगा।
यहां रहेगी एंबुलेंस
हनुमानगढ़ी, अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन, कनक भवन मंदिर परिसर, श्रीराम जन्मभूमि परिसर, नागेश्वरनाथ मंदिर, पक्काघाट, साकेत पेट्रोल पंप, लता चौक, हनुमानगुफा व झुनकी घाट पर एंबुलेंस खड़ी रहेगी।
सीएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया ने बताया कि चैत्र रामनवमी मेले की तैयारियां लगभग पूर्ण हो गई हैं। रिलीवर के आने से पहले कोई चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी शिविर खाली नहीं रखेगा। आवश्यकतानुसार मंडल के अन्य जिले से भी चिकित्सक, फार्मासिस्ट, चतुर्थ श्रेणी की मांग की जाएगी।