राम कथा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोग।
- फोटो : राम कथा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोग।
अयोध्या। रामलला के भव्य मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या धाम इन दिनों भक्ति, उत्सव और आध्यात्मिक दिव्यता का केंद्र बना हुआ है। ध्वजारोहण समारोह के बाद पूरा धाम मानो उत्सवों की पवित्र भूमि में बदल गया है। इसी दिव्य वातावरण में देश-विदेश से आए 400 से अधिक दंपतियों ने बृहस्पतिवार को अपने वैवाहिक जीवन के 60 वर्ष पूरे होने पर पुनः पारंपरिक विवाह संस्कार में भाग लिया। इनमें अधिकांश दंपती तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से पहुंचे हैं। अयोध्या में ऐसा दृश्य पहली बार देखने को मिला है।
रामकथा पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर वृद्ध दंपतियों में विशेष उत्साह दिखा। लंबी वैवाहिक यात्रा की स्मृतियों को संजोते हुए जब वे रामलला के चरणों में आशीर्वाद लेने पहुंचे तो उनके हृदय में आस्था और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस आयोजन में अमेरिका सहित कई अन्य देशों से भी दंपती शामिल हुए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अयोध्या विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए तेजी से एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभर रही है। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले दंपतियों की ओर से किया गया षष्ठी पूजन रहा। दक्षिण भारत विशेषकर तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में प्रचलित यह पूजा दीर्घायु, दांपत्य सौहार्द, स्वास्थ्य और परिवार की समृद्धि का आशीर्वाद देने वाली मानी जाती है।
अयोध्या में हो रहे इस सामूहिक आयोजन ने इन बुजुर्ग दंपतियों को अपने वैवाहिक जीवन के स्वर्णिम पलों को फिर से जीने का अवसर दिया है। तेलंगाना से आई श्रद्धालु बिंदु ने बताया कि वे अपने माता-पिता के साथ अयोध्या आई हैं। यहां लगभग 400 दंपती शामिल हैं। हल्दी की रस्म पूरी करने के बाद आज मुख्य पूजन कार्यक्रम हुआ। अयोध्या बहुत सुंदर है। आंध्र प्रदेश से आए चंद्रशेखर रावण ने कहा, हम षष्ठी महोत्सव मनाने आए हैं। 400 पुण्य दंपती यहां मौजूद हैं। पहली बार अयोध्या में ऐसा आयोजन हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया, यह हमारे लिए गर्व की बात है। आज अयोध्या बदलती हुई नजर आ रही है। अयोध्या धाम में धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्सव का यह अनूठा संगम श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय स्मृति बन गया है। कार्यक्रम का आयोजन संस्था इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रामराज्य कल्चर ने किया।
बालाजी की टीम ने पूरा किया 41 दिनों का संकल्प, श्रीराम मंदिर में किए दर्शन
अयोध्या। सनातन धर्म की रक्षा के उद्देश्य से लिए गए 41 दिनों के संकल्प की पूर्णाहुति के लिए आंध्र प्रदेश से बालाजी मंदिर का छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार को अयोध्या पहुंचा। उन्होंने हनुमानगढ़ी और रामलला के मंदिर में दर्शन, पूजन एवं मंत्रोच्चार के साथ संकल्प पूरा किया। मीडिया से बातचीत में बालाजी के गुरु केशवाचार्य ने कहा कि 41 दिन उपवास और तपस्या के बाद अयोध्या पहुंचना हमारे लिए भावनात्मक और सौभाग्यपूर्ण पल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनगरी को दिव्य और भव्य स्वरूप देकर विश्व में सनातन संस्कृति का मान बढ़ाया है। प्रतिनिधिमंडल में एम वेंकटेश्वरराव, के वेंकटेश्वर राव, बी श्रीनिवासराव, ए प्रसाद सहित अन्य शामिल हैं। एयरपोर्ट पर प्रतिनिधिमंडल का समाजसेवी सुनील सिंह ने स्वागत किया।