25 -एसएसवी इंटर कॉलेज का वार्षिक समारोह के दौरान मौजूद शिक्षक व अन्य - स्कूल
वार्षिक समारोह में 300 छात्र हुए सम्मानित
अयोध्या। शिक्षा ही मनुष्य को पूर्णता की ओर ले जाती है। शिक्षक ही वो मूर्तिकार हैं जो विद्यार्थियों के जीवन को सही आकार देते हैं। यह बातें अशर्फी भवन के पीठाधीश्वर जगद्गुरु श्रीधराचार्य ने कहीं। वह शहर के एसएसवी इंटर कॉलेज में आयोजित वार्षिक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक साधारण पाषाण को मूर्तिकार पहचान कर दिव्य स्वरूप प्रदान करता है, उसी प्रकार शिक्षक विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचान कर उनका मार्गदर्शन करते हैं। संयुक्त शिक्षा निदेशक योगेंद्र कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को अनुशासन और उत्कृष्टता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। प्रधानाचार्य डॉ. मणि शंकर तिवारी ने स्वागत भाषण में कहा कि अयोध्या संस्कार और अनुशासन की भूमि रही है और शिक्षा ही उन्नति का आधार है। वरिष्ठ शिक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार मिश्रा ने विद्यालय की उपलब्धियों का उल्लेख किया, जबकि प्रबंधक शची मेहरोत्रा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
एनसीसी कैडेटों ने गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विद्यालय के नवनिर्मित द्वार का लोकार्पण और पत्रिका सौरभ के 52वें अंक का विमोचन किया गया। विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, वंदेमातरम्, अवधी लोकगीत तथा राग यमन में शास्त्रीय संगीत की मनोहारी प्रस्तुतियां दीं। बड़ा निक लागे राघव जी के गउवा लोकगीत ने सभी का मन मोह लिया। ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित हिंदी एकांकी ने देशभक्ति का उत्साह जगाया।
समारोह में 300 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। उमंग विश्वकर्मा और ओम यादव को 11-11 हजार रुपये का मुकुंदी देवी मेहरोत्रा मेमोरियल अवार्ड प्रदान किया गया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को भी सम्मानित किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक व अन्य उपस्थित रहे।