अयोध्या। अमृत योजना 2.0 के तहत अयोध्या धाम के सात वार्डों में 24 घंटे सातों दिन ड्रिंक फ्रॉम टैप (स्वच्छ पेयजल आपूर्ति) जल्द शुरू हो जाएगी। परियोजना के इस पहले चरण का काम लगभग पूरा हो गया है। आने वाले अगस्त तक अयोध्या धाम के इन वार्डों में बिना मोटर या सबमर्सिबल पंप के 21 मीटर की ऊंचाई तक प्रेशर के साथ पानी की आपूर्ति होगी। दूसरे चरण में धाम के अन्य वार्डों को संतृप्त करने के बाद परियोजना के तीसरे चरण को लागू करने की तैयारी भी शुरू हो गई है।
केंद्र सरकार की अमृत योजना 2.0 के तहत इस 200 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य अयोध्या को 24 घंटे-सातों दिन स्वच्छ और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। इस परियोजना को तीन चरणों में लागू किया जा रहा है। पहले चरण में अयोध्या धाम के सात वार्डों का काम अंतिम चरण में है। अवधपुरी के दो वार्डों में शत प्रतिशत काम पूरा हो गया है। जबकि बाल गंगाधर तिलक जैसे अन्य वार्डों में 98 प्रतिशत काम हो चुका है।
अब घरों में पानी टंकी की जरूरत नहीं
परियोजना के दूसरे चरण में अयोध्या धाम के नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों को शामिल किया गया है। इस चरण में काम तेजी से चल रहा है और अगस्त 2025 तक इसे भी पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। नगर आयुक्त संतोष शर्मा का दावा है कि अब न तो घरों में पानी की टंकी लगाने की जरूरत होगी, न ही आरओ सिस्टम की। बताया कि इस परियोजना के तहत पानी की गुणवत्ता इतनी उच्च स्तरीय होगी कि इसे सीधे नल से गिलास में लेकर पिया जा सकेगा। इसे 'ड्रिंक फ्रॉम टैप' की सुविधा के रूप में देखा जा सकता है, जो अयोध्या के लिए एक क्रांतिकारी कदम है।
इस परियोजना में आधुनिक तकनीक का उपयोग भी किया जा रहा है। इसके तहत एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां से पानी के प्रवाह और प्रेशर की रियल-टाइम मॉनीटरिंग होगी। इस सिस्टम के जरिए पानी की लीकेज या अन्य समस्याओं का तुरंत पता लगाया जा सकेगा, जिससे जलापूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा को तुरंत दूर किया जा सकेगा।
परियोजना के तीसरे महत्वाकांक्षी चरण के लागू होने में अभी देरी लगेगी। इस चरण में सरयू नदी के पानी को शोधित करके घरों तक पहुंचाने की योजना प्रस्तावित है। इसके माध्यम से सरयू शहर वासियों के लिए स्वच्छ पेयजल का स्रोत भी बन सकेगी। यह परियोजना शुरू होने के बाद अयोध्या के लिए एक दीर्घकालिक और टिकाऊ जल समाधान प्रदान करेगी।
24 घंटे-सातों दिन जलापूर्ति के लिए स्थापित स्काडा प्रणाली को परखा
नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने अमानीगंज जलकल कार्यालय में स्थापित कमांड सेंटर में जल निगम व जलकल के अभियंताओं के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें उन्होंने पेयजल परियोजनाओं को निर्धारित समय के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक के बाद 24 घंटे-सातों दिन जलापूर्ति के लिए स्थापित प्रणाली का निरीक्षण किया। इस दौरान इस तकनीकी सिस्टम की कार्यप्रणाली, जलापूर्ति की निगरानी व्यवस्था और संबंधित तकनीकी पहलुओं की समीक्षा की। अवधपुरी पार्क में स्थापित बूस्टर पंप हाउस का भी जायजा लिया। जालपा कालोनी के घरों में इस योजना के तहत यूजर इंड पर जाकर घरेलू पेयजल आपूर्ति का प्रेशर चेक किया। लोगों से फीडबैक भी लिया।