10 -पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय से परीक्षा देकर बाहर निकलते विद्यार्थी - संवाद
अयोध्या। जिले में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाएं बुधवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सख्त निगरानी के बीच शुरू हुईं। पहले दिन जिले के 115 परीक्षा केंद्रों पर दोनों पालियों में शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षाएं संपन्न कराई गईं। इस दौरान किसी भी केंद्र से नकल या इलेक्ट्रॉनिक सामग्री के प्रयोग की कोई शिकायत सामने नहीं आई। सचल दलों ने औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पहले दिन हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के कुल 3710 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। हाईस्कूल की पहली पाली में 2015 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे, जबकि इंटरमीडिएट की दूसरी पाली में 1695 परीक्षार्थियों ने परीक्षा नहीं दी।
हाईस्कूल की पहली पाली में बालक वर्ग के कुल 20081 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 18809 उपस्थित रहे, जबकि 1272 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। बालिका वर्ग में 19747 पंजीकृत छात्राओं में से 19400 ने परीक्षा दी और 742 छात्राएं अनुपस्थित रहीं। इंटरमीडिएट की दूसरी पाली में कुल 1695 परीक्षार्थी अनुपस्थित पाए गए। दूसरी पाली में बालक वर्ग के कुल 18764 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 17685 उपस्थित रहे, जबकि 1079 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। बालिका वर्ग में 18772 पंजीकृत छात्राओं में से 18156 ने परीक्षा दी और 616 छात्राएं अनुपस्थित रहीं।
परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए जिले में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक और प्रत्येक केंद्र पर एक उप निरीक्षक और चार सिपाही की तैनाती की गई थी। इसके साथ ही संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी गई। सचल दलों ने अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर परीक्षा कक्षों, सीसीटीवी निगरानी और केंद्रों की व्यवस्थाओं की जांच की। निरीक्षण के दौरान कहीं भी नकलची नहीं पाए गए। इस वर्ष जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में कुल 77,560 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। इनमें हाईस्कूल के 39,828 और इंटरमीडिएट के 37,536 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं।
डीआईओएस डॉ. पवन तिवारी ने बताया कि जीआईसी कंट्रोल रूम से पूरे जिले के परीक्षा केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। कंट्रोल रूम के माध्यम से सभी केंद्रों से लगातार संपर्क बनाए रखा गया। पहले दिन किसी भी केंद्र से कोई भी शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।