अयोध्या। रामनगरी प्रथम तीर्थकर भगवान ऋषभदेव आदि पांच भगवंतों की भी जन्मभूमि है। जैन धर्म के जिन मंदिरों में रायगंज स्थित भगवान ऋषभदेव दिगंबर जैन मंदिर अपनी अद्वितीय आभा बिखेरता हुआ जैन धर्म की प्राचीनता की गवाही दे रहा है। यह तीर्थ अब नए-नए जिनमंदिरों के साथ अयोध्या का एक मानद तीर्थ बनकर प्रगट होने को है। जैन मंदिर में दो मार्च से होने वाले पंचकल्याण महोत्सव में 1735 प्रतिमाओं को भगवान का स्वरूप दिया जाएगा। कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे।
इस तीन लोक रचना में सिद्ध भगवंतों की 727 जिनप्रतिमाएं विराजमान होंगी और इसी के साथ भगवान ऋषभदेव से लेकर भगवान महावीर तक की अन्य 1008 प्रतिमाओं का भी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव अर्थात् प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव होगा। दो मार्च से छह मार्च तक होने वाले पंचकल्याणक महोत्सव में देश भर से पांच हजार जैन श्रद्धालु शामिल होंगे। जैन मंदिर रायगंज के पीठाधीश स्वामी रवींद्रकीर्ति ने बताया कि तीन मार्च को जन्मकल्याणक मनाया जाएगा। पांच मार्च को भगवान को ज्ञान प्राप्त करने वाले दिव्य आत्माओं के समान भगवान को केवलज्ञान की प्राप्ति होगी और छह मार्च को भगवान भगवंत का स्वरूप प्राप्त करेंगे और मोक्षकल्याणक मनाया जाएगा।
संपूर्ण कार्यक्रम गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता के सानिध्य में होगा। आयोजनों के क्रम में ही चार मार्च को प्रसिद्ध गीतकार-संगीतकार रूपेश जैन की संगीत संध्या होगी। पांच मार्च को रंगशाला ग्रुप-इंदौर की साधना मादावत की ओर से भारतीय संस्कृति की प्राचीनता पर आधारित वर्तमान नव पीढ़ी के लिए अत्यंत प्रेरक नाटिका भी प्रस्तुत की जाएगी।
माता ज्ञानमती ने कहा कि अयोध्या के इतिहास का यह एक उत्कर्ष काल है, जब एक साथ जैन तीर्थंकर एवं सिद्ध भगवंतों की 1735 प्रतिमाएं पूजनीय बनकर प्रतिष्ठापित की जाएंगी। कहा कि यह कार्यक्रम पूरे विश्व में अहिंसा का संदेश देगा। भारतीय संस्कृति का मूलमंत्र ही अहिंसा है। अहिंसा अपनाकर हर व्यक्ति अपनी आत्मा को परमात्मा बना सकता है। संस्कारों से हम पाषाण प्रतिमा को भगवान बना देते हैं।
श्रीदिगंबर जैन अयोध्या तीर्थ क्षेत्र कमेटी के एक प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से भेंट किया। स्वामी रवींद्रकीर्ति ने मुख्यमंत्री को दो मार्च से अयोध्या में होने वाले पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कलावा खोलकर महोत्सव के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने माता ज्ञानमती के जन्म स्थान से लेकर उनके बारे में अनेक चर्चाएं की। प्रतिनिधि मंडल में विधायक रामचंद्र यादव व कमेटी के अध्यक्ष पीठाधीश रवींद्रकीर्ति स्वामी के साथ मंत्री डॉ.जीवन प्रकाश जैन समेत अन्य उपस्थित रहे।