अयोध्या। रामनगरी तक सेमी हाई स्पीड ट्रेन नमो भारत चलाने की तैयारी है। प्रदेश सरकार ने लखनऊ से बाराबंकी होते हुए अयोध्या तक लगभग 150 किलोमीटर लंबे रीजनल रैपिड कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर), एलाइनमेंट तय करने और शुरुआती सर्वे के लिए 13.50 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर कर दी है।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना लखनऊ-कानपुर के बीच प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर का विस्तार है। वर्तमान में लखनऊ-कानपुर खंड के लिए डीपीआर का काम प्रगति पर है। अब इसी लाइन को बाराबंकी के रास्ते अयोध्या तक जोड़ने की योजना बनाई गई है। डीपीआर तैयार होने के बाद ट्रेन के मार्ग, स्टेशनों की संख्या, आवश्यक भूमि, कुल लागत और दैनिक यात्रियों की अनुमानित संख्या जैसे महत्वपूर्ण तथ्य जुटाए जाएंगे।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, इस नई ट्रेन सेवा को अभी अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है। डीपीआर पूरा होने के बाद रूट फाइनल किया जाएगा और फिर केंद्र व राज्य सरकारों से वित्तीय मंजूरी प्राप्त की जाएगी। वर्तमान में, ट्रेन से यह दूरी तय करने में दो से ढाई घंटे लगते हैं, जबकि बस से तीन घंटे से अधिक का समय लगता है। नमो भारत ट्रेन के माध्यम से इस दूरी को महज 60 से 70 मिनट में पूरा करने की उम्मीद है। इससे लखनऊ में नौकरी करने वाले लोगों, छात्रों और अयोध्या दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
नमो भारत की गति और सुविधाएं
नमो भारत, देश की पहली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम है, जिसकी डिजाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटा और परिचालन गति 160 किमी प्रति घंटा है। इसके कोच वातानुकूलित हैं। इनमें ऑटोमेटिक दरवाजे व मेट्रो जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह ट्रेन दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। अयोध्या तक इसका विस्तार उत्तर प्रदेश का दूसरा प्रमुख रीजनल कॉरिडोर होगा। पिछले माह शासन की ओर से अयोध्या के जिलाधिकारी और विकास प्राधिकरणों को पत्र भेजकर सर्वे टीमों को सहयोग और आवश्यक डाटा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।