अयोध्या। केंद्र सरकार के रविवार को आए बजट में कैंसर की दवायें सस्ती करने का एलान किया गया है। इस फैसले से जिले के लगभग डेढ़ हजार रोगियों को राहत मिलने की उम्मीद है। इससे जुड़े चिकित्सकों ने भी सरकार के इस बजट को घाव पर मरहम लगाने वाला बताया है।
जिले में कैंसर रोगियों के इलाज के ठोस इंतजाम नहीं हैं। पिछले तीन माह से राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में कैंसर रोग की ओपीडी चल रही है। यहां ओपीडी सेवाओं के अलावा कीमोथेरेपी की सुविधा भी मिल रही है। तीन माह में ही यहां लगभग 1200 रोगी ओपीडी में आ चुके हैं। इनमें अधिकांश को राहत मिल रही है। वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि लंबा और दुर्लभ इलाज कराते-कराते तीमारदारों की कमर टूट जाती है।
दवाओं पर एकाएक पड़ने वाले मोटे खर्च से उन पर आर्थिक बोझ पड़ता है, जिससे वह आसानी से उबर नहीं पाते हैं। केंद्र सरकार ने रविवार को जारी इस बजट में ऐसे मरीजों का आर्थिक बोझ कम किया है। उनकी दवायें सस्ती करने की घोषणा की गई है, जिसका चिकित्सा जगत से जुड़े हर व्यक्ति ने स्वागत किया है।
कैंसर रोगियों को मिलेगी राहत
मेडिकल कॉलेज के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. धीरेंद्र सचान ने कहा कि कैंसर की दवायें सस्ती करना सरकार का बहुत अच्छा फैसला है। कैंसर रोगियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। इलाज महंगा होने से रोगियों और उनके तीमारदारों पर आर्थिक बोझ पड़ता है, जिससे वह कई बार तो टूट जाते हैं। इससे उन्हें काफी राहत मिलेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती में संजीवनी होगा बजट
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार ने गरीब तबके के लोगों को ध्यान में रखते हुए यह बजट जारी किया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में संसाधन बढ़ने से बेहतर इलाज में आसानी होगी। ट्रामा सेंटर बनने से गंभीर रोगियों की जान बचाई जा सकेगी। सरकार ने महिलाओं के इलाज की गुणवत्ता बढ़ाने पर भी जोर दिया है, यह सराहनीय है।
12-डॉ. धीरेंद्र सचान।