अयोध्या। विकसित हो रही वशिष्ठकुंज आवासीय योजना में बुनियादी ढांचे के साथ-साथ संस्थागत और व्यावसायिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अयोध्या विकास प्राधिकरण ने 11 भूखंड चिह्नित किए हैं। इन भूखंडों को नीलामी प्रक्रिया के जरिये आवंटित करने की तैयारी की जा रही है। प्राधिकरण की ओर से तैयार लेआउट के अनुसार योजना क्षेत्र में शिक्षा, आवास और अन्य उपयोगों के लिए अलग-अलग श्रेणी के प्लॉट निर्धारित किए गए हैं।
इनमें सबसे छोटा भूखंड करीब 500 वर्गमीटर का है, जिसे नर्सरी स्कूल जैसे संस्थानों के लिए उपयुक्त माना गया है। वहीं, इंटर कॉलेज के लिए लगभग 6000 वर्गमीटर तक का बड़ा भूखंड प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त होटल के लिए 3000 से 4000 वर्गमीटर के बीच के प्लॉट चिह्नित हैं। ग्रुप हाउसिंग के लिए अलग से भूमि आरक्षित की गई है, जबकि सामुदायिक उपयोग के लिए कम्यूनिटी हॉल और स्थानीय आवश्यकताओं को देखते हुए दुकानों के लिए भी स्थान रखा गया है।
वशिष्ठकुंज योजना अभी विकास के चरण में है और यहां आवासीय बसावट शुरू नहीं हुई है। हालांकि प्लॉटों का आवंटन पूर्व में किया जा चुका है। ऐसे में आगे के चरण में आवश्यक संस्थागत व व्यावसायिक ढांचे को विकसित करने की प्रक्रिया भी साथ-साथ आगे बढ़ाई जा रही है। शहरी योजनाकारों का मानना है कि किसी भी नई आवासीय योजना में शिक्षा, आवास और दैनिक जरूरतों से जुड़ी सुविधाओं के लिए स्थान निर्धारित करना अनिवार्य होता है। इसी क्रम में वशिष्ठकुंज योजना का मास्टर प्लान तैयार किया गया है, जिसमें विभिन्न उपयोगों के लिए भूखंड चिह्नित किए गए हैं।
इनसेट-
वशिष्ठकुंज योजना में चिह्नित व्यावसायिक व संस्थागत भूखंडों के संबंध में आगे की प्रक्रिया नियमानुसार की जाएगी। योजना के अनुरूप विभिन्न उपयोगों के लिए भूमि निर्धारित की गई है, जिसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। - राजेश कुमार मिश्रा, सचिव, अयोध्या विकास प्राधिकरण