फफूंद। चंद्रयान थ्री अभियान में लगी अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की टीम में कस्बे के रामपुर बिहारी निवासी एक युवा वैज्ञानिक का भी मुख्य योगदान रहा। अभियान की सफलता के बाद जानकारी होने पर उनके गांव और कस्बे के लोगों ने खुशी जताते हुए मिठाई बांटी।
फफूंद के रामपुर बिहारी निवासी अशोक तिवारी बड़ौदा यूपी बैंक मैनेजर पद से सेवानिवृत्त है। उनके इकलौते पुत्र रजनीश तिवारी इसरो (इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन) के विक्रम सारा भाई अंतरिक्ष केंद्र त्रिवेंद्रम में एफ वर्ग के वैज्ञानिक हैं। अशोक तिवारी ने बताया कि बेटा रजनीश चंद्रयान टू अभियान में वैज्ञानिकों की टीम में शामिल था। हाल ही में चंद्रयान थ्री के अभियान में भी वह टीम का मुख्य हिस्सा रहा।
विज्ञापन
बताया कि रजनीश ने हाई स्कूल गोपाल इंटर कॉलेज औरैया से पास करने के बाद कानपुर के जयनारायण विद्या मंदिर से इंटर किया। एनआईटी कोझिकोटा में बीटेक की पढ़ाई पूरी की। इसी बीच वर्ष 2010 में कॉलेज कैंपस से ही उनका इसरो में ई लेबल वैज्ञानिक पद पर चयन हो गया। इसके बाद वह इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में दिनों दिन तरक्की करके प्रमोशन पाते गए और अंतरिक्ष में छोड़े जाने वाले सेटेलाइट अभियानों में भी मुख्य भूमिका निभाते रहे। उनकी पत्नी अंकिता चतुर्वेदी भी एमटेक हैं और स्कॉलर पर मेडिकल रिसर्चर हैं।
चंद्रयान टू के बाद चंद्रयान-3 में मिली सफलता से कस्बे के लोग बेहद खुश हैं कि रजनीश ने कस्बे और गांव का नाम रोशन किया। पिता अशोक तिवारी और मां संतोष कुमारी को लोगों ने बधाई दी।