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Auraiya News: तुम वोट दिए हो मुझको अद्धा पौैआ पनसौवा से...

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दिबियापुर। हैं बदतर हालात तुम्हारे, हम क्यों निजात दिला दें। होठों पर मुस्कान तुम्हारे आखिर हम क्यों ला दे? तुम वोट दिए हो मुझको अद्धा पौैआ पनसौवा से, अब चाहत हौ विकास तुम्हारे गाँव गली में ला दें। लखनऊ से पहुंचे कवि रामनरेश पाल द्वारा पढ़ीं गईं इन पक्तियों पर खूब तालियां बजीं। मौका था दिबियापुर में लोकमाता अहिल्याबाई जयंती पर आयोजित लघु कवि सम्मेलन का। यहां पर कवियों द्वारा पढ़ीं गईं कविताओं पर श्रोताओं ने खूब लुत्फ उठाया।
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नगर के एक गेस्ट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में लखीमपुर खीरी से पहुंचे कवि पवन पाल ने वर्तमान में आवारा जानवरों पर कटाक्ष करते हुए कविता पढ़ी। रोइ रोइ यह विपदा सुनावत सुन लेउ योगी भईया। सारी फसले खाई जात यहु, फसल न कोइ होवइया। इटावा के कवि रवि पाल खामोश की कविता कैसे चुकता कर पाएं हम, कौड़ी- पैसा, पाई को? जीवित फिर से किया सनातन, धन्य- धन्य है माई को। हम हैं बालक तेरे मैया, देना माँ आशीष हमें। सौ-सौ बार नमन करते हैं मात अहिल्याबाई को...को खूब सराहा गया। फिरोजाबाद से पहुंचे कवि दिलीप बघेल की हाथ तिरंगा शोभित हो वो टोला अच्छा लगता है, इंकलाब की हो मशाल तो शोला अच्छा लगता है पढ़कर खूब वाहवाही लूटी। इससे पूर्व मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता सिचाई विभाग इंजीनियर लक्ष्मण सिंह पाल, मिथिलेश कुमारी पाल द्वारा लोकमाता अहिल्याबाई के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन व पुष्पांजलि दे कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में सफल छात्र छात्राओं को शील्ड व प्रशस्त्रि पत्र देकर सम्मानित भी किया। अखिलेश पाल, केशराम पाल, अपर्णा सिंह, सुदामा लाल पाल, शैलेंद्र पाल, अनुराग पाल, अनिल पाल, अखिलेश पाल, प्रदीप पाल, दिनेश पाल, बृजराज पाल, देवेन्द्र पाल, डॉ. अनुपम सिंह पाल, मजिस्टर सिंह पाल, जगदीश सिंह धनगर, भूपाल सिंह, बारेलाल पाल, विद्याराम पाल, छोटेलाल पाल, भारत सिंह पाल आदि मौजूद रहे।
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