औरैया। शेरगढ़ घाट स्थित यमुना नदी पुल की जर्जर हालत का विशाखापट्टनम से आई इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट एंड डिजाइन कंसलटेंसी (आईडीडीसी) कंपनी के विशेषज्ञों की टीम ने निरीक्षण किया। ड्रोन से किए गए सर्वे में पुल के निचले हिस्से की बेयरिंग जाम मिली। टीम पांच दिन तक शहर में रहकर पुल के खंभों की पानी के अंदर और बाहर की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण करेगी। रिपोर्ट के बाद भेजे गए पहले फेज के 1.07 करोड़ रुपये से काम शुरू कराया जाएगा।
आईडीडीसी कंपनी के एक्सपर्ट की टीम मंगलवार को सुबह शेरगढ़ घाट स्थित यमुना नदी पुल का जायजा लेने पहुंची। एक्सपर्ट टीम के इंचार्ज लिकित ने बताया कि पुल की सड़क के ऊपर की पर्त हटाकर फिर से डामरीकरण कराया जाना जरूरी है। बताया कि ड्रोन कैमरे से सर्वे में टीम को पुल के बेयरिंग जाम दिखे हैं, उनकी मरम्मत जरूरी है। पहले केवल छह खंभों के ऊपरी हिस्से का ड्रोन के माध्यम से सर्वे किया गया है। पुल में कोई बड़ी खराबी अभी तक नहीं दिखी है। ऐसे में अभी फिलहाल बहुत बड़ा काम किए जाने की जरूरत नहीं दिखाई दे रही है।
टीम ने करीब दो घंटे तक पुल की बारीकी से खामियां परखी। अभी टीम लगभग पांच दिन रुकेगी। बुधवार को पानी के अंदर व बाहर खंभों की स्थिति को भी देखा जाएगा। उसके उपरांत ही पुल की स्थिति का सही आकलन हो पाएगा।
विशाखापट्टनम की टीम ने मंगलवार से पुल का सर्वे शुरू किया है। अभी शुरुआत में पुल की जर्जर सड़क, जाम बेयरिंग आदि की मरम्मत के लिए 1.07 करोड़ का इस्टीमेट बनाकर शासन को स्वीकृति के लिए भेज दिया है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
- अभिषेक यादव, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, औरैया