औरैया। धौलपुर बांध से शुक्रवार को छोड़े गए लगभग दो लाख क्यूसेक पानी से रविवार शाम सात बजे यमुना नदी का जलस्तर 108.25 मीटर पहुंच गया। यह चेतावनी बिंदु 114 मीटर से महज 5.75 मीटर कम है। जलस्तर बढ़ने पर जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। अधिकारियों ने लेखपालों से यमुना नदी किनारे के गांवों पर निगाह बनाए रखने के लिए कहा है।
केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारियों ने बताया कि धौलपुर स्थित बांध से शुक्रवार को छोड़े गए पानी ने यमुना नदी में जलस्तर बढ़ने की गति तेज कर दी है। जलस्तर प्रति घंटे 10 सेंटीमीटर की गति से बढ़ रहा है। ऐसे में सोमवार सुबह तक यमुना नदी का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है।
इधर, पानी बढ़ने से यमुना नदी स्थित शेरगढ़ घाट व अंत्येष्टि स्थल पर बना रामझरोखा भी पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। जिला प्रशासन ने लेखपालों को पल-पल की निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर यमुना नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों को ऊंचे स्थान पर पहुंचाने के भी निर्देश दिए हैं।
नायब तहसीलदार पवन कुमार भी लगातार जानकारी ले रहे हैं। एसडीएम सदर मनोज सिंह ने कहा कि सभी लेखपालों को बढ़ रहे जलस्तर के संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं। साथ ही बाढ़ से हर साल प्रभावित होने वाले क्षेत्रों के लोगों को भी अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ से निबटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
इन गांवों में घुस सकता है बाढ़ का पानी
बडेरा, सिकरोड़ी, गोहानी कला, गोहानी खुर्द, गूंज, ततारपुर, बीसलपुर, असेवा, असेवटा, अस्ता, मई आदि।