औरैया (दिबियापुर)। अंतरिम बजट में नारी शक्ति को तवज्जो देने से महिलाएं खासी उत्साहित हैं। महिलाओं का कहना है कि लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित होने पर निश्चित तौर पर वह स्वावलंबी बनकर आगे बढ़ सकेगीं।
गुरुवार को पेश किए गए बजट को लेकर औरैया के क्रानिक अकादमी में महिलाओं ने बैठक कर मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की। इस दौरान आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलने को एक बेहतर कदम बताया।
महिलाओं ने कहा कि बजट में जिस तरह उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया यह एक अच्छा संदेश है। इससे सभी महिलाएं लाभान्वित होंगीं। तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे गांव की महिलाएं स्वावलंबन की ओर अग्रसर होंगी। उनमें भी कुछ करने का जज्बा पैदा होगा।
बिजली बिल के भारी भरकम खर्चे से मिलेगी निजात
एक करोड़ घरों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली सौर ऊर्जा के जरिए मिलने की योजना का लाभ मिलने से जिले के लोग भी लाभान्वित हो सकेंगे। सौर ऊर्जा योजना को लेकर व्यापारियों एवं लोगों ने खुशी जताई है। लोगों को उम्मीद है कि इस योजना का लाभ मिलने से कई परिवारों को बिजली के भारी भरकम खर्चे से निजात मिलेगी।
होगा अपना आशियाना, किराए से मिलेगी निजात
किराए के मकानों, झुग्गी झोपड़ी या चाल और अनाधिकृत कालोनियों में रहने वाले मध्य वर्ग के पात्र लोगों को अपने स्वयं के मकान खरीदने एवं बनाने में सहायता करने की योजना शुरूआत होने की उम्मीदों से किराए के मकानों में रहने वाले लोगों में खुशी है। लोगों का कहना है कि यह योजना शुरू होने से अपने घर की चाह रखने वाले लोगों का अपना घर हो सकेगा।
बजट पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं
फोटो01एयूआरपी 36- आशीष यादव, ठेकेदार। संवाद
मध्यवर्ग के लिए कुछ खास नहीं
ठेकेदार आशीष यादव का कहना है कि चुनावी वर्ष में भी इतने नीरस और बोगस बजट की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी। इस बजट में आम आदमी यानी मिडिल क्लास के लिए कुछ भी नहीं है। मिडिल क्लास टैक्स में छूट की उम्मीद लगाये बैठा था, नये रोजगार श्रृजन का भी कोई खाका नहीं दिख रहा है। किसानों के लिए भी बजट में कुछ नहीं है। बजट में केवल आंकड़े दिखाकर पब्लिक को विकसित भारत का लॉलीपॉप दिखाया गया है।
फोटो01एयूआरपी 37- वित्तीय मामलों के सलाहकार डीके गुप्ता। संवाद
टैक्स दरों में राहत न मिलने से मायूसी
वित्तीय मामलों के सलाहकार डीके गुप्ता का कहना है कि टैक्स स्लैब में परिवर्तन की आशा थी। वेतन पाने वाले अधिकांश व्यक्तियों की आय साढ़े सात लाख रुपए तक अमूमन होती है। उनके लिए सरकार को टैक्स स्लैब में परिवर्तन करके राहत देनी चाहिए थे। बजट में ज्यादा कुछ परिवर्तन न करके आम जनता को निराश किया है।
फोटो01एयूआरपी 38- आशीष तिवारी, व्यापारी। संवाद
व्यापारी बोले, उनके लिए कुछ खास नहीं मिला
व्यापारी आशीष तिवारी का कहना है कि पहले के बजटों की सीधे-सीधे नकल उतार कर प्रस्तुत कर दिया है। इससे पूंजी पतियों को लाभ मिलेगा। आम जनता को कुछ नहीं मिल रहा है। देश की अर्थव्यवस्था में प्रमुख हिस्सेदारी देने वाले व्यापारी वर्ग को भी कुछ नहीं मिला।
फोटो01एयूआरपी 39-देवेश राजपूत, युवा उद्यमी। संवाद
पूर्ण बजट में कुछ अच्छा सुनने को मिलेगा
युवा उद्यमी देवेश राजपूत का कहना है कि इस बार का अंतरिम बजट पिछले बजट का रिपीट रूप दिख रहा है। टैक्स देने वालों का न फायदा हुआ और न ही नुकसान हुआ, लेकिन सरकार ने कुछ अच्छे मुद्दे पर काम किया। इसमें निचले तबके के लोगो के आवास और उज्ज्वला योजना को एक कदम आगे बढ़ाया है। उम्मीद है कि जुलाई में आने वाले पूर्ण बजट में व्यापारी वर्ग और युवाओं के लिए कुछ नया और अच्छा सुनने को मिलेगा।