एरवाकटरा। पीड़ित को जब प्रशासन से न्याय नहीं मिलता तो उसकी उम्मीद की एकमात्र किरण शासन अर्थात मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल ही बचती है, लेकिन उसे क्या पता कि उसकी शिकायत पर पुलिस द्वारा जांच के नाम पर सिर्फ खानापूरी करके और फर्जी गवाह दिखाकर उसके न्याय पाने की उम्मीद पर पानी फेर दिया जाएगा।
ऐसा ही एक प्रकरण एरवाकटरा थाना क्षेत्र के उमरैन से सामने आया है। जहां लगभग तीन माह पूर्व उमरैन कस्बे के सर्राफा व्यवसाई शकील के 12 वर्षीय इकलौते बेटे सुब्हान का अपहरण करके उसकी हत्या मोहल्ले के निवासी रियाज उर्फ मुन्ना ने अपने साथियों के साथ मिलकर कर दी थी। इसमें रियाज उर्फ मुन्ना और उसके सात साथी जेल में बंद हैं। इस मामले में मृतक सुब्हान के पिता ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कराई गई शिकायत जिसकी संदर्भ संख्या 40016224005653 है।
इसकी जांच उमरैन चौकी इंचार्ज हरकेश कुमार द्वारा की जा रही थी। इसकी जांच आख्या में हरकेश कुमार द्वारा उमरैन निवासी अमन त्रिपाठी और रजत गुप्ता उर्फ कल्लू गुप्ता को गवाह दिखाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया। इसकी जानकारी होने पर शनिवार को अमन त्रिपाठी और रजत गुप्ता द्वारा जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज करााई। आरोप है कि चौकी इंचार्ज द्वारा बिना उन्हें जानकारी दिए उन्हें गवाह दिखा दिया।
इससे एरवाकटरा पुलिस द्वारा मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल से पीड़ित शिकायतकर्ताओं का भरोसा उठने का हवाला देते हुए कार्रवाई किए जाने की मांग की है। इस संबंध में सीओ अशोक कुमार ने बताया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।