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Auraiya News: पत्नी बनी चश्मदीद गवाह, फंदे तक पहुंचा पति

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विवेक विश्नोई
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औरैया। दिबियापुर थाना क्षेत्र के तैयापुर में 30 मई 2023 को एक 10 वर्षीय नाबालिग की उसके बहनोई ने दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने दोषी बहनोई के खिलाफ पॉक्सो व हत्या का मामला दर्ज किया था।
इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनराज सिंह की कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें घटना की चश्मदीद पत्नी की गवाही ने इस पूरे मामले को स्पष्ट कर दिया। इसके चलते न्यायालय ने सभी साक्ष्यों व तथ्यों के मद्देनजर दोषी रोहित काे फांसी की सजा सुनाई।
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घटनाक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि तैयापुर में नाबालिग मृतका की बड़ी बहन पूजा की ससुराल थी। उसकी छोटी बहन (मृतका) गांव आई थी। जहां उसके बहनोई रोहित ने उसके साथ दुष्कर्म कर हत्या कर दी थी। इस प्रकरण में दोषी रोहित की पत्नी पूजा चश्मदीद गवाह के रूप में कोर्ट में पेश हुई। जहां उसने अपने पति रोहित के खिलाफ छोटी बहन के साथ की गई दरिंदगी के बाद हत्या को लेकर गवाही दी। इस मामले में सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 11 लोगों की कोर्ट में गवाही कराई गईं थीं।
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16 सालों में औरैया कोर्ट से पांच लोगाों को सुनाई गई फांसी की सजा
औरैया में अपराधियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में कोर्ट के सरकारी वकीलों की पैरवी काफी हद तक सफल रही है। इसमें पिछले 16 सालों में अब तक पांच लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई है। इससे अपराधियों में कोर्ट को लेकर खौफ की स्थिति बनी हुई है।
अब तक सुनाई गईं फांसी की सजाएं
थाना / कोतवाली वर्ष मामला
फफूंद थाना 2008 तीन हत्याओं का मामला
एरवाकटरा थाना 2019 एक तरफा प्रेम में घर में घुसकर नाबालिग को गोली मारने का मामला 2023 साढ़े तीन साल की मासूम से दुष्कर्म का मामला
अयाना 2023 नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला
दिबियापुर थाना 2024 नाबालिग साली के साथ दुष्कर्म व गला दबाकर हत्या का मामला
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समाज के बीच में रह रहे ऐसे लोगों में व्याप्त होगा भय
फोटो21एयूआरपी 15- अभिषेक मिश्रा एडवोकेट
डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने कोर्ट की ओर से दोषी को सुनाई गई फांसी की सजा को लेकर कहा कि इस तरह के कोर्ट के निर्णयाें से समाज के बीच रह रहे घृणित मानसिकता के लोगों में भय व्याप्त होगा।

सुरक्षा के लिहाज से ऐसे निर्णय सराहनीय योग्य
फोटो21एयूआरपी 16- जितेंद्र सिंह तोमर एडवोकेट
विशेष अभियोजक पॉक्सो जितेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इस तरह के निर्णय निश्चित रूप से सराहनीय योग्य हैं। इससे समाज में दूषित प्रवृत्ति के लोगों की ओर से की जानी वाली घटनाओं में लगाम लगेगी। इससे सुरक्षा के दृष्टिकोण से नाबालिग बच्चियों की स्वतंत्रता भी बरकरार रह सकेगी।
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जिम्मेदारियों का पूरी तरह कर रहे निर्वाहन
फोटो21एयूआरपी 17- मृदुल मिश्रा एडवोकेट
अभियोजक मृदुल मिश्रा ने का कहना है कि समाज में छिपे ऐसे गंदे लोगों को बाहर निकालकर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाना और उन्हें सजा दिलाने में पूरी जिम्मेदारी का निर्वाहन कर रहे हैं।
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