औरैया।
हर घर नल से जल योजना के तहत ग्राम पंचायतों में बनाईं जा रहीं पानी की टंकियों की आपूर्ति के साथ जांच शुरू की गई। ग्राम पंचायत इटैली व बुढ़ानपुर में दूषित पानी मिलने के कारण जल निगम ने पेयजलापूर्ति रोक दी है। बुढ़ानपुर में फ्लोराइड की बढ़ी मात्रा से लगभग ढाई सौ लोग पायरिया की बीमारी से ग्रसित हैं। आपूर्ति बंद होने से दोनों पंचायत के 16 गांव की करीब 15 हजार की आबादी के सामने शुद्ध पेयजल का संकट बना हुआ है।
भाग्यनगर ब्लाॅक के बुढ़ानपुर में हर घर नल से जल योजना के तहत जल निगम की ओर लगभग साढ़े तीन हजार की आबादी के लिए पानी की टंकी व नलकूप बनाने के प्रस्ताव पर काम शुरू किया गया। जिसमें विभाग की ओर से सबसे पहले नलकूप की बोरिंग कराई गई। इस बीच जमीन से निकले पानी की जब जल निगम की प्रदेश स्तरीय लैब में टेस्टिंग कराई गई तो पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक निकली। जिसके चलते नलकूप का काम बीच में ही रोक दिया गया। साथ ही गांव को दी जाने वाली जलापूर्ति भी बंद कर दी गई।
इस बीच जल निगम की ओर से हर घर में अंडरग्राउंड पानी की पाइप लाइन बिछा दी गई, लेकिन पेयजलापूर्ति न किए जाने के चलते टोंटियां नहीं लगाई गईं। इस गांव के लोगों की पेयजलापूर्ति निजी व सरकारी हैंडपंपों पर निर्भर बनी हुई है। पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने से गांव में लगभग ढाई सौ लोग पायरिया की बीमारी से ग्रसित हैं।
अछल्दा ब्लॉक की इटैली ग्राम पंचायत के लिए जल निगम की ओर से पानी की टंकी व नलकूप स्थापित कराया गया। इस पानी की टंकी से ग्राम पंचायत के मजरा नगला धुनदे, टढैया, खेरा, मढ़ा भवानी, मढ़ा प्रीतम, नगला इजारे, सुमराई, नगला रमी, नगला महतिया, दाढ़ी, इंदरगढ़, आशा नगर, किल्लामपुर, झिंगुरियापुर को पेयजलापूर्ति देने के लिए पाइप लाइन बिछाई गई।
खास बात यह है कि बोरिंग के बाद यहां नलकूप से निकले पानी को पाइप लाइन में छोड़ा गया। इस बीच ग्रामीणों ने गंदा पानी आने की शिकायत की। जिस पर जल निगम के अधिकारियों ने पानी का सैंपल लैब में टेस्टिंग के लिए भेजा साथ ही जलापूर्ति को फिलहाल रोक दिया गया। इधर आई जल निगम की रिपोर्ट में इटैली ग्राम पंचायत में स्थापित किए गए नलकूप से निकले पानी को प्रदूषित बताया गया। गांवाें के लगभग 12 हजार लोगों को निजी नलकूपों के सहारे पानी की व्यवस्था करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों की बात
फोटो-16- मुकेश राजपूत
बुढ़ानपुर निवासी किसान मुकेश राजपूत ने बताया कि यहां नलकूपों के पानी पर गांव की जलापूर्ति निर्भर है। पानी का स्वाद अच्छा नहीं है। पानी पीने से गांव में अधिकांश लोगों को दांतों में पायरिया की समस्या झेलनी पड़ रही है।
-
फोटो-17- रामकुमार
बुढ़ानपुर के रामकुमार ने बताया कि पानी की समस्या गंभीर है। जल निगम की ओर से घर-घर पाइप लाइन पहुंचा तो दी गई लेकिन कराई गई बोरिंग से भी पानी नहीं दिया जा रहा है। जिससे पेयजलापूर्ति की समस्या अभी भी बरकरार है। बताया गया है कि पानी दूषित है।
-
फोटो-18- जयवीर सिंह
इटैली गांव निवासी किसान जयवीर सिंह कहते हैं कि गांव में पानी की समस्या दूर कराए जाने को जल निगम की ओर से बनवाई गई पानी की टंकी तैयार खड़ी है। बावजूद इसके पिछले आठ माह से घरों तक पानी नहीं पहुंचाया गया है। पानी दूषित होने की जानकारी दी गई है। इसी वजह से टोटियां आज तक नहीं लगाई गई हैं।
फोटो-19- अनिल यादव
इटैली के अनिल यादव ने बताया कि सात माह पहले जल निगम की ओर से नलकूप के माध्यम से पानी छोड़ा गया था लेकिन पानी बहुत ही गंदा आने के बाद से आपूर्ति बंद कर दी गई थी। तब से लेकर आज तक नलकूप चालू ही नहीं किया गया।
इटैली व बुढ़ानपुर ग्राम पंचायत में स्थापित नलकूपों से निकले पानी को जांच के लिए भेजा गया था। जिसमें बुढ़ानपुर के पानी के सैंपल में फ्लोराइड की मात्रा निर्धारित से अधिक मिली है। वहीं इटैली में भी पानी गंदा आने से दोनों जगह पेयजलापूर्ति बंद करा दी गई है। समस्या के निदान को लगातार प्रयास लिए जा रहे हैं। जल्द ही समस्या दूर होने की उम्मीद है।
- अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम