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Auraiya News: कोटा बैराज से छोड़े गए पानी ने बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों की बढ़ाई धड़कन

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संवाद न्यूज एजेंसी
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औरैया। हथिनी कुंड के बाद अब कोटा बैराज से छोड़ा गया 50 हजार क्यूसिक पानी ने युमना का तेजी से जल स्तर बढ़ाना शुरू कर दिया है। बुधवार शाम तक यमुना का जल स्तर 105.15 मीटर दर्ज किया गया। पिछले वर्ष 109 मीटर पर पानी का जलस्तर पहुंचते ही आस्ता, नौरी गांव में बाढ़ आ गई थी। इधर तेजी से बढ़ रहे पानी को लेकर बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों को धड़कनें बढ़ गई हैं।
यमुना नदी किनारे बसे जिले के 22 गांवों को एक बार फिर से बाढ़ के पानी से जूझने की स्थिति बन सकती है। बुधवार को कोटा बैराज से 50 हजार क्यूसिक पानी छोड़े जाने से जल्द पानी चंबल के रास्ते यमुना नदी में आने की संभावना है। जिससे नदी किनारे बसे अस्ता, नौरी, गोहानी खुर्द व सिकरोड़ी गांव की सीमा पर पहुंचने की संभावना बढ़ गई है।
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बता दें कि पिछले साल 2022 में जलस्तर के 109.72 मीटर पहुंचते ही बाढ़ का पानी इन गांवों में अंदर तक घुस गया था। इसके बाद लगातार पानी बढ़ता गया और अगस्त महीने में 117.84 मीटर पर पहुंचा। जिसके बाद यमुना नदी किनारे बसे 22 गांव जलमग्न हो गए थे। बाढ़ से कई परिवार घर से बेघर हो गए। न जाने कितनों की गृहस्थी तबाह हो गई थी। पिछले वर्ष को लेकर इस बार भी लोग परेशान हैं। बता दें कि यमुना नदी पर चेतावनी बिंदु 112 मीटर व खतरे का निशान 113 मीटर पर है। वहीं यमुना नदी में बाढ़ आने की वजह चंबल में पानी बढ़ते ही शुरू हो जाएगी। ऐसे में जिला प्रशासन पूरी सतर्कता बनाए हुए है।
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इन गांवों के लोगों को झेलना पड़ता है बाढ़ का संकटेे
अस्ता, नौरी, सिकरोड़ी, गोहानी कला, गोहानी खुर्द, जाजपुर, असेवटा, असेबा, जुहीखा, बड़ेरा, गूंज, ततारपुर, बबाईन, नगला भूरेपुर कला समेत दोनों तहसीलों के 22 गांव शामिल हैं।
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लगातार यमुना नदी किनारे बसे गांवों का निरीक्षण किया जा रहा है। जल स्तर बढ़ने की जानकारी केंद्रीय जल आयोग के माध्यम से लगातार की जा रही है। जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए है। - अखिलेश कुमार, उप जिलाधिकारी, सदर।
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