औरैया। हथनी कुंड से छोड़ा गया पानी लगातार यमुना में बढ़त बना रहा है। सोमवार तक 108 मीटर पानी पहुंचने की संभावना है। वहीं शनिवार शाम को यमुना का जलस्तर 103.6 मीटर दर्ज किया गया। पिछली सालों की तरह यदि बाढ़ ने अपना रौद्र रूप दिखाया तो बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्रामीणों के सामने संकट खड़ा होगा।
स्कूल बंद, संपर्क मार्गों से आवागमन प्रभावित होने, सुरक्षित स्थानों पर बसने को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इधर शनिवार को शेरगढ़ घाट स्थित स्नानागार आधे से अधिक पानी में समा चुका है। शेष हिस्से के रविवार को जलमग्न होने की संभावना बनी हुई है। इधर केंद्रीय जल आयोग की टीम के साथ ही अन्य अधिकारी नजर बनाए हुए हैं।
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केंद्रीय जल आयोग के उप मंडल अभियंता हमीरपुर संदीप सिंह ने हथनी कुंड से छोड़े गए तीन लाख क्यूसिक पानी के कारण सोमवार तक 108 मीटर तक जल स्तर पहुंचने की संभावना जताई थी। यदि ऐसी स्थिति बनी तो बाढ़ प्रभावित गांव अस्ता, सिकरोड़ी, गूंज, ततारपुर, नौरी आदि गांवों में सोमवार से पानी पहुंचने लगेगा।
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बाढ़ आने पर बंद हो जाते स्कूल
अस्ता व नौरी गांव के बच्चों को मई गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय तक जाने के लिए एक मात्र सहारा गांव की पुलिया बाढ़ आने पर बंद हो जाती है। इससे जहां आवागमन बाधित हो जाता है। वहीं सिकरोड़ी, फरिहा, बडेरा, गोहानी कला, गोहानी खुर्द, गूंज, असेवा, असेवटा, ततारपुर, जूहीखा समेत यमुना किनारे स्थित 22 गांवों के बच्चों की शिक्षा ठप हो जाती है।
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रफटा पुल पर नहीं बनाई गई दीवार
अजीतमल क्षेत्र के गोहानी कला जाले वाले मार्ग पर बने रफटा पुल पर पानी आ जाने से गांव का शहर से संपर्क टूट जाता है। इस बाबत तत्कालीन जिलाधिकारी सुनील वर्मा ने दीवार को ऊंचा करने के निर्देश दिए गए थे। जिससे आज तक दीवार नहीं बनाई जा सकी। वहीं इस गांव को जाने के लिए गोहानी खुर्द से जंगल के रास्ते कच्चा मार्ग बना हुआ है। इस मार्ग को भी बनाए जाने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को निर्देश दिए गए थे, लेकिन उस पर भी आज तक कोई काम शुरू नहीं हो सका है।
ये बनाई गईं हैं बाढ़ चौकियां
औरैया तहसील-अस्ता, नौरी
अजीतमल तहसील -इंटर काॅलेज अमावता, प्राथमिक विद्यालय बडेरा, जूनियर हाईस्कूल बल्लापुर, प्राथमिक विद्यालय रहमापुर, प्राथमिक विद्यालय ऊंचा, प्राथमिक विद्यालय बबाइन, प्राथमिक विद्यालय बीझलपुर, प्राथमिक विद्यालय हनुमान गढ़ी हैं।
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ग्रामीण बना लें व्हाट्सएप ग्रुप, समस्या होने पर करें मैसेज
संवाद न्यूज एजेंंसी अयाना। थाना क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव जुहीखा में शनिवार को जिले व तहसील अधिकारियों ने राहत चौपाल आयोजित की। ग्रामीणों को एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर अधिकारियों को जोड़ने की अपील की गई।
चौपाल में जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए पूर्व की स्थिति को देखकर बाढ़ प्रभावित गांवों का विशेष विवरण तैयार किया जा चुका है। जिसमें बंधा, नदी, आश्रय स्थल, उपलब्ध नाव और नाविकों, आपदा मित्रों, गोताखोरों की सूचना के साथ साथ गांव की मूल भूत संरचना तथा उपलब्ध संसाधन का विवरण मौजूद है। बाढ़ चौकियों से गांवों की निगरानी की जा रही है। पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने कहा कि आप सभी एक व्हाट्सएप ग्रुप तैयार करें। जिसमें जिले के अधिकारी, थाना प्रभारी, गोताखोरों, सीएचसी अधीक्षक के नंबरों को जोड़ लें। जिससे बाढ़ के दौरान कोई समस्या आए तो आपके एक मैसेज पर जरूरत के अनुसार बचाव दल मौके पर पहुंचकर आपकी समस्या का निस्तारण कर सके। इस दौरान एसडीएम अजीतमल संध्या शर्मा, तहसीलदार हरिश्चंद्र, थाना प्रभारी विजय कुमार पांडेय, सीएचसी अधीक्षक सुनील शर्मा समेत राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही।