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औरैयाः यमुना का जलस्तर घटा, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

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गोहानी कला में खेतों में भरा बाढ़ का पानी। संवाद - फोटो : AURAIYA
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औरैया। धौलपुर से छोड़े गए पानी के कारण पिछले तीन दिनों में यमुना का जलस्तर बढ़कर 112.12 मीटर पहुंच गया था। शुक्रवार रात से पानी स्थिर हुआ और शनिवार सुबह जलस्तर घटकर 110.58 मीटर पर जा पहुंचा। इससे आसपास बसे गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है।
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यमुना नदी में बढ़ रहे जलस्तर से बाढ़ की स्थिति बनने लगी थी। गोहानी कला के रपटा पुल का मार्ग डूबने से आवागमन बंद हो गया था। वहीं, सिकरोड़ी, अस्ता, मढ़ापुर, नौरी, क्योंटरा गांव के किनारे तक पानी पहुंचने से सैकड़ों बीघे ज्वार, मक्का, धान की फसलें जलमग्न हो गई थीं। किसानों को फसल बर्बादी के साथ घरों तक पानी पहुंचने की चिंता सताने लगी थी। लोग लगातार बढ़ रहे पानी को लेकर दहशत में थे।
अजीतमल और औरैया तहसील के अधिकारियों ने भी लेखपालों की टीमें लगाकर निगरानी शुरू करा दी थी। इधर, शुक्रवार रात से पानी ने उतरना शुरू कर दिया। शनिवार को शाम लगभग चार बजे यमुना का जलस्तर 110.58 मीटर पर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारियों के मुताबिक, अभी पानी उतरने की स्थिति बनी हुई है। फिलहाल पानी बढ़ने की संभावना कम नजर आ रही है।
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उधर, पानी उतरने से गोहानी कला, सिकरोड़ी, नौरी, क्योंटरा, अस्ता आदि गांवों में खेतों में भरा बाढ़ का पानी कम होना शुरू हो गया है। वहीं संपर्क मार्ग भी खुल गए हैं। जिससे ग्रामीणों व जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है। अपर जिलाधिकारी रेखा एस. चौहान ने बताया कि यमुना का जलस्तर बढ़ने और घटने दोनों स्थितियों पर जिला प्रशासन नजर बनाए है। फिलहाल अभी पानी कम होना शुरू हो गया है। फिर भी सभी को सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

मढ़ापुर में गांव किनारे भरा बाढ़ का पानी। संवाद- फोटो : AURAIYA

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