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Auraiya News: यमुना में पानी की बढ़त जारी, सतर्क हुआ केंद्रीय जल आयोग

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संवाद न्यूज एजेंसी
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औरैया। हथनी कुंड से छोड़े गए पानी के चलते औरैया यमुना नदी में दूसरे दिन भी पानी की बढ़त जारी रही। जिसके चलते पैमाने पर पानी ने सुबह नौ बजे 102.10 मीटर पर आमद दर्ज कराई। लगातार पानी बढ़ने से यमुना किनारे किसानों के खेत की सब्जियों की फसल बह गई। जिला प्रशासन की तरफ से बाढ़ चौकियों पर कर्मचारी निगरानी कर रहे हैं। वहीं केंद्रीय जल आयोग भी पूरी सतर्कता बनाए हुए है।
शेरगढ़ घाट स्थित यमुना नदी के पानी में बुधवार को भी बढ़त दर्ज की गई। जिसमें सुबह नौ बजे जलस्तर 102.10 मीटर दर्ज किया गया था। इधर बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन की ओर से सभी इंतजामों को पुख्ता बताया गया है। हालांकि यमुना नदी किनारे सटे बाढ़ प्रभावित गांवों में जिला प्रशासन के इंतजामों के अलावा ग्रामीणों की ओर से बाढ़ आने पर उससे निपटने व सुरक्षित बाहर निकलने के लिए भी इंतजाम किए जा रहे हैं। वहीं केंद्रीय जल आयोग कर्मचारियों ने शाम चार बजे पैमाने पर पानी की स्थिति 102.15 मीटर दर्ज की।
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तीन दिन पहले हथनी कुंड से छोड़े गया एक लाख क्यूसिक पानी धीरे-धीरे औरैया स्थित यमुना नदी में भी पहुंच रहा है। जिससे यमुना नदी का जलस्तर भी धीरे-धीरे पैमाने पर चढ़ रहा है। जिला प्रशासन के अधिकारी यमुना नदी किनारे स्थित गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से संपर्क कर उन्हें बाढ़ की स्थिति आने पर पूरा सहयोग करने का आश्वासन देने में लगे हुए हैं।

आस्ता व नौरी में ग्रामीणों को किया अलर्ट
यमुना का जलस्तर जिस तरह से बढ़ रहा है। इससे सबसे पहले पानी आस्ता व इसके बाद नौरी गांव में पहुंचता है। इसी को लेकर प्रशासन ने सबसे पहले इन गांव पर नजर बनाने के साथ ग्रामीणों को अलर्ट करना शुरू किया है। वहीं पानी बढ़ता देख गांव के लोग भी अपने पशु, गृहस्थी सुरक्षित करने में जुट गए हैं। एसडीएम सदर अखिलेश कुमार ने भी गांव पहुंच जायजा लिया और लोगों को सावधानी बरतने की बात कही।

बाढ़ में डूबता रपटा पुल, टूट जाता संपर्क
अजीतमल। जब भी यमुना का जल स्तर बढ़ता है तो सबसे पहले अजीतमल क्षेत्र के ग्राम गौहानीकलां का संपर्क टूट जाता है। इस मार्ग पर रपटा का पुल काफी नीचे में है जिसपर यमुना का पानी भर जाता है। पिछले वर्ष आई बाढ़ में भी सबसे पहले इसी गांव का संपर्क टूटा था। पिछले वर्ष बाढ़ पीड़ितो की सहायता के लिए पहुंचे जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने पुल समेत सड़क को ऊंचा कराने के लिए आश्वासन दिया था। मगर साल बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब फिर से लोगों को चिंता सताने लगी है।


सिकरोड़ी गांव के लोगों में दहशत
ब्लाॅक क्षेत्र की ग्राम पंचायत भूरेपुर कलां, सिकरोड़ी जो कि यमुना के किनारे बसा हुआ है। ये वही गांव है जो पिछले वर्ष पूरी तरह यमुना की बाढ़ में डूब गया था। यहां के रहने वाले लोगों को गांव छोड़ना पड़ा था। यमुना में जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है जिससे ग्रामीणों को चिंता सताने लगी है। सिकरोड़ी गांव में दो ओर से पानी अंदर आता है।
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अभी पानी खतरे के निशान से लगभग 10 मीटर दूर है। फिर भी जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ से निपटने के लिए सभी इंतजाम कर लिए गए हैं। राहत केंद्रों पर साफ-सफाई करवा दी गई है। बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीणों को भी अलर्ट कर दिया है। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

- अखिलेश कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी, औरैया।
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