ककोर। बूढ़ादाना रजबहा में दो माह से किया जा रहा पानी का इंतजार बुधवार को खत्म हुआ। पानी छोड़े जाने से जहां किसानों को सूखती फसलों की सिंचाई का रास्ता साफ हुआ है, वहीं जीव-जंतुओं व पक्षियों को भी राहत मिलेगी।
अमर उजाला के 12 अप्रैल के अंक में बूढ़ादाना रजबहा में पानी न छोड़े जाने को लेकर किसानों की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। जिला प्रशासन से किसान की गुहार लगाती इस खबर का अधिकारियों ने संज्ञान लिया तो गुरुवार को रजबहा में पानी छोड़ा गया। बता दें कि इस रजबहा से 100 से अधिक क्षेत्रीय गांवों में फसलों की सिंचाई की जाती है।
इसके साथ ही पास के तालाब व पोखर से लेकर गड्ढों में भी पानी पहुंचता है। सूख रही उर्द, मूंग व मक्का की फसलों को जहां सिंचाई से राहत मिलेगी, वहीं जीव-जंतुओं व पक्षियों को को भी राहत मिलेगी। किसानों ने पानी छोड़े जाने के बाद राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि अब उन्हें सबमर्सिबल व ट्यूबवेल से फसलों की सिंचाई करने की जहमत नहीं उठानी होगी।