अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। शासन ने निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) में नवंबर 2022 में जारी धनराशि का पूरा प्रयोग न करने व इससे संबंधित निर्देश के अनुपालन न करने पर आधा दर्जन बीएसए को चेतावनी पत्र जारी किया है।
शासन ने बीएसए सुल्तानपुर, औरैया, चंदौली, कानपुर देहात व बलिया, मथुरा, हाथरस के पूर्व बीएसए (वर्तमान में विभिन्न डायट में प्रवक्ता) को इस मामले में चेतावनी पत्र जारी किया है। बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने कहा है कि शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने पर इन बीएसए की भर्त्सना की जाती है। यह चेतावनी इन बीएसए की गोपनीय आख्या में भी दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि बीएसए की इस लापरवाही से बजट का सदुपयोग नहीं हुआ और बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति विद्यालय को नहीं हो सकी। इसका पूरा उत्तरदायित्व इन बीएसए का है।