अजीतमल। हैलट में भर्ती पति का इलाज कराने के लिए महिला मजदूर वन विभाग के आला अधिकारियों के सामने मजदूरी का पैसा दिलवाए जाने के लिए गिड़गिड़ाती रही। निराश होकर सहकर्मी महिला मजदूरों ने चंदा एकत्र किया। ताकि सहकर्मी के पति का इलाज हो सके, लेकिन इलाज के दौरान शुक्रवार की देर रात महिला के पति ने दम तोड़ दिया।
बता दें कि अजीतमल वन रेंज में बतौर दैनिक श्रमिक के रूप में करीब दो दर्जन मजदूर कार्यरत हैं। महिला मजदूरों की संख्या अधिक है। काम कराने के बदले में इन श्रमिकों को बीते जून माह से दिहाड़ी का कोई पैसा नहीं दिया गया। किसी तरह श्रमिक परिवार अपना गुजारा चला रहे। एक सप्ताह पहले सभी श्रमिक अजीतमल कस्बा स्थित वन विभाग कार्यालय पहुंच गए थे। हंगामा काटते हुए जून माह से अब तक की गई मजदूरी का रुपया दिलाए जाने की मांग करने लगे। मजदूरों ने जिलाधिकारी, डीएफओ सहित कई विभागीय अधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से समस्या सुलझाने की गुहार भी लगाई। वहीं महिला सहकर्मियों ने नारायणी के पति का इलाज के लिए चंदा एकत्र करना शुरू किया था। महिला मजदूर मिथलेश ने बताया कि उसने अपनी पायल गिरवी रखकर चंदा दिया। डीएफओ इम्तियाज अहमद सिद्दीकी से इन मजदूरों ने गुहार लगाई थी। उन्हें प्रार्थना पत्र दिया था। बावजूद महिला श्रमिक नारायणी को मजदूरी नहीं मिल सकी। शनिवार को शव गांव पहुंचते ही ढांढस बंधाने वालों की भीड़ जुट गई। इस संबंध में जानकारी करने को डीएफओ को कई बार फोन लगाया, घंटी जाती रही फोन नहीं उठा। इस वजह से उनसे बात नहीं हो सकी।
बोले जिम्मेदार
मामला संज्ञान में आया है। जानकारी कराते हुए पूरा मामला पता किया जाएगा। संबंधित वन विभाग के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। -राकेश कुमार, एसडीएम अजीतमल