फोटो 29एयूआरपी 06- अपनी देखरेख में पुल की सड़क का डामरीकरण कराते अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अभिषेक यादव व एई एसके तिवारी। संवाद
लगभग 11 माह से भारी वाहनों का आवागमन बंद होने से गल्ला मंडी व अन्य व्यापार प्रभावित थे
जालौन आने-जाने के लिए लोगों को अब बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। जिले के शेरगढ़ स्थित यमुना नदी पुल की मरम्मत का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। एक अक्तूबर से पुल पर वाहन फर्राटा भरने लगेंगे। इससे औरैया के व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर छाई मंदी के भी खत्म होने की पूरी उम्मीद जगी है। सबसे ज्यादा फायदा गल्ला मंडी के आढ़तियों को होगा। वहीं स्थानीय लोगों को अब जालौन आने-जाने के लिए बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा।
बिलराया-पनवाड़ी मार्ग के शेरगढ़ घाट स्थित यमुना नदी पुल ओवरलोड वाहनों की धमाचौकड़ी से जर्जर हो गया था। पुल के अधिक कंपन करने और ऊपरी सतह के सरिए बाहर निकल आने पर लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन जिलाधिकारी पीसी श्रीवास्तव ने 11 नवंबर 2022 को पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी थी।
इसके बाद विशाखापट्टनम से आई इंजीनियरों की टीम ने पुल की जांच-पड़ताल के बाद खामियाें की सूची तैयार की थी। साथ ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से पुल की मरम्मत कराए जाने पर जोर दिया था। इस पर पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने पुल की हालत खस्ता होते देख उसकी मरम्मत कराए जाने को स्वीकृत एक करोड़ 13 लाख रुपये से 30 ज्वाइंटर बदलने के साथ अन्य जरूरी कार्य कराए।
इसके चलते 11 माह से भारी वाहनों का आवागमन बंद चल रहा है। वहीं मरम्मत का कार्य शुरू होने से तकरीबन पुल से सभी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया। इस पर पैदल यात्रियों के अलावा सभी वाहन चालकों को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, अयाना क्षेत्र के जुहीखा व कानपुर देहात होते हुए जालौन जाने में लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा था।
इससे राहगीरों को परेशानी होने के साथ शहर के जालौन रोड स्थित व्यापारियों के व्यवसाय भी ठंड़े पड़ गए। सर्वाधिक नुकसान औरैया की गल्ला मंडी के आढ़तियों को उठना पड़ा। शुक्रवार को पुल के मरम्मतीकरण का कार्य पूरा हो चुका। एक अक्तूबर से पुल का संचालन शुरू होने से लोगों में खुशी है।
आढ़तियों ने जताई खुशी
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आढ़ती सीपन दीक्षित ने बताया कि मंडी में तकरीबन 50 फीसदी किसान जालौन जिला के माधौगढ़ तहसील व कुठौंद ब्लॉक के गांवों से आते हैं। पुल बंद होने से किसानों ने जालौन मंडी जाना शुरू कर दिया। इससे मंडी में चहलकदमी कम हो गई थी। आढ़तियों पर आर्थिक संकट आने के साथ पल्लेदारों की भी आजीविका पर असर पड़ रहा था। पुल शुरू होने से पुन: व्यापार बढ़ने की संभावना है।
फोटो 29एयूआरपी 09-आढ़ती विष्णु मिश्रा का कहना है कि पुल बंद होने से किसान बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से होकर मंडी में फसल लेकर आते थे। एक्सप्रेसवे पर टोल लगना शुरू हो गया, अयाना क्षेत्र के जुहीखा पुल से होकर मंडी आने में अधिक खर्चा की मार पड़ने लगी। पुल शुरू होने से छोटे किसानों के दोबारा मंडी आने की संभावना है। इससे आढ़तियों का व्यापार पटरी पर आ जाएगा।
बोले जिम्मेदार-
पुल की सड़क पर डामरीकरण का काम शुरू करा दिया गया है। एक अक्तूबर से पुल पर वाहनों का आवागमन चालू कराने का पूरा प्रयास है। आवागमन शुरू होने से महीनों से मद पड़े कारोबार को भी गति मिलेगी। एसके तिवारी, एई, लोक निर्माण विभाग, औरैया।