संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। जनपद न्यायालय की दो अदालतों ने गुरुवार को चेक बाउंस के छह परिवादों में निर्णय सुनाते हुए अभियुक्तों को दंडित किया। चार परिवादों में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एफटीसी) दिवाकर कुमार ने नौ माह की कैद व अर्थदंड दोनों से तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट शालिनी त्यागी ने एनआई एक्ट के दो परिवादों में क्रमश 48 व 38 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एफटीसी) दिवाकर कुमार ने थाना दिबियापुर क्षेत्र के चार परिवादों की सुनवाई पूर्ण कर यह दंडादेश गुरुवार को जारी किए। परिवादी सर्वेश कुमार तिवारी, अध्यक्ष ग्रामीण विकास सेवा संस्थान, जालौन चौराहा ने ग्राम पंचायत नवादा ज्वाला प्रसाद, बरवटपुर, महेवा व भौंतापुर के प्रधान व संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी के विरुद्ध यह परिवाद वर्ष 2011 में दायर किए।
परिवादी का आरोप है कि उसके संस्थान को वीडीओ औरैया के परामर्श व सलाह से प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी ने वर्ष 2010-11 में ग्राम पंचायत में जैट्रोफा ट्री व उससे संबंधित सामग्री की सप्लाई का आर्डर दिया था। परिवादी ने जेट्रोफा ट्री व अन्य सामग्री का बिल 29 दिसंबर 2010 को सबमिट किया। भुगतान में विपक्षी प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से सेंट्रल बैंक आफ इंडिया खानपुर की चेक जारी की, लेकिन चेक बाउंस हो गईं।
अंत में परिवादी ने इन ग्राम पंचायतों के तत्कालीन प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारियों के विरुद्ध चार परिवाद कोर्ट में दायर किए। गुरुवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिवाकर कुमार ने चारों मामलों में अभियुक्तगण प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी को कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई। ग्राम पंचायत नवादा ज्वाला प्रसाद के तत्कालीन प्रधान उमा कुमारी व ग्राम पंचायत अधिकारी रवि को नौ माह का साधारण कारावास व ढाई-ढाई लाख रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माने की कुल धनराशि पांच लाख में से चार लाख 90 हजार रुपये बतौर प्रतिकर परिवादी को अदा करने का आदेश दिया गया। अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
इसी तरह ग्राम पंचायत बरवटपुर के तत्कालीन प्रधान रामकेश व ग्राम पंचायत अधिकारी रवि को भी नौ माह की कैद व ढाई-ढाई लाख जुर्माना, ग्राम पंचायत महेवा (ववाइन) के तत्कालीन प्रधान अनेक व ग्राम पंचायत अधिकारी रवि को नौ माह की कैद व ढाई-ढाई लाख रुपये जुर्माना तथा ग्राम पंचायत भौंतापुर के प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी रवि को छह माहके साधारण कारावास व ढाई-ढाई लाख रुपये जुर्माना की सजा से दंडित किया गया। जुर्माना धनराशि से परिवादी को दी गई चेक व खर्चों की पूर्ति प्रतिकर के रूप में आदेशित की गई।
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जेएम ने 48 व 38 लाख जुर्माना का आदेश दिया
औरैया। न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट शालिनी त्यागी ने थाना दिबियापुर क्षेत्र के 138 एनआई एक्ट (चेक बाउंस) के दो परिवादों में अर्थदंड की सजा सुनाई। भगवतीगंज दिबियापुर निवासी अर्चना त्रिपाठी ने राकेश कोहली निवासी बिंदकी (फतेहपुर) के विरुद्ध यह परिवाद दायर किया था। इसमें चैक बाउंस का आरोप लगा। कोर्ट ने दोषी राकेश कोहली (बिंदकी) पर 38 लाख 50 हजार का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड में से 38 लाख रुपये परिवादिनी को देय होगा। वहीं 50 हजार रुपये राजकीय कोष में जमा किए जाएंगे।
दूसरा परिवाद सुशांत कुमार त्रिपाठी निवासी दिबियापुर ने फतेहपुर निवासी सुशील कुमार त्रिपाठी के विरुद्ध दायर किया था। इसका निर्णय सुनाते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट शालिनी त्यागी ने अभियुक्त पर 48 लाख 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। डीवीए मीडिया प्रभारी शिवम शर्मा ने बताया कि अधिरोपित अर्थदंड की धनराशि में से 48 लाख रुपये परिवादी को देय होगा। 50 हजार रुपये राजकीय कोष में जमा किए जाएंगे। कोर्ट ने अर्थदंड की वसूली दोषी सुशील कुमार त्रिपाठी की संपत्ति से करने का भी आदेश दिया।