औरैया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सियाराम चौरसिया ने बेला थाना क्षेत्र के 11 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में दो भाइयों को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है। इस मामले में कोर्ट ने दोषियों पर 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं प्रकरण में विवेचना के दौरान की खामियों के प्रकाश में आने पर कोर्ट ने तत्कालीन उप निरीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए गृह सचिव को पत्र लिखा है।
डीजीसी अभिषेक मिश्रा व एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी ने बताया कि बेला थाना क्षेत्र के गांव दौलतपुर निवासी भारत सिंह ने रिपोर्ट लिखाई थी। जिसमें बताया कि एक दिसंबर 2012 की शाम लगभग साढ़े सात बजे उसका पुत्र शिवकुमार घर पर मौजूद था। तभी उससे रंजिश मानने वाले इंदल व रणजीत निवासी नीमहार थाना बेला हाथ में तमंचे लेकर आ धमके। जहां दोनों गालियां देते हुए धमकी दी। घर के लोग जब बाहर आए तो इंदल ने तमंचा से फायर कर दिया। जिससे गोली वादी के पुत्र शिव कुमार के सीने पर लगी। हमलावर तमंचा लहराते हुए दहशत फैलाते गांव की तरफ चले गए। घायल शिव कुमार को इलाज के लिए कानपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। विवेचना में पुलिस ने केवल इंदल के खिलाफ जानलेवा हमले, गुंडा एक्ट व आयुध अधिनियम की चार्ज शीट कोर्ट में प्रस्तुत की। दूसरे आरोपी रणजीत को कोर्ट ने धारा 319 के तहत सुनवाई के लिए तलब किया। दोनों आरोपियों के खिलाफ यह मुकदमा एडीजे प्रथम सियाराम चौरसिया की कोर्ट में चला। जिसका शुक्रवार को निर्णय हुआ।
न्यायालय में बहस करते हुए अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी ने दोनों के खिलाफ कठोर दंड देने की बहस की। वहीं बचाव पक्ष के वकील ने उन्हें निर्दोष बताया। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश सियाराम चौरसिया ने अभियुक्त दोनों भाइयों इंदल व रणजीत को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया। इसके साथ ही कोर्ट ने दोनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। इसके अलावा इंदल को आर्म्स एक्ट में दो साल व पांच हजार रुपये तथा गुंडा एक्ट में दो साल व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी दी गई। अर्थदंड की आधी धनराशि घायल शिव कुमार को प्रतिकर के रूप में देने का भी आदेश दिया गया। विवेचना में खामियां बरतने पर तत्कालीन विवेचक उप निरीक्षक अभिमन्यु प्रसाद दुबे (अब सेवानिवृत हो चुके हैं) के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए निर्णय की प्रति गृह सचिव को भेजने का भी आदेश दिया गया है।