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Auraiya News: आज एआरटीओ कार्यालय के गबन मामले की खुल सकती हकीकत

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ककोर। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में गबन मामले को लेकर सोमवार को तस्वीर साफ हो सकती है। कितना गबन हुआ, कौन दोषी है, बहुत कुछ आज स्पष्ट हो सकता है। यह दावा मामले की जांच कर रहे कानपुर संभागीय परिवहन विभाग कार्यालय के लेखाधिकारी का है।
गबन से लेकर अनियमितता के एक-एक आंकड़े को जुटा लिया गया है। लेखाधिकारी का दावा है कि सोमवार को सब कुछ बता दिया जाएगा। जनवरी माह में मामला सामने आने के बाद से चल रही तीन माह की जांच पूरी हो चुकी है। चालानों के मिलान पूरे हो चुके है। अब गबन की धनराशि व दोषी का निर्धारण होगा। सूत्रों की माने तो कर्मचारी से लेकर अधिकारी भी लपेटे में आ सकते हैं।
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पांच जनवरी को भाऊपुर निवासी शिवाकांत पाठक व उनकी पत्नी सीमा ने जहर खा लिया था। दोनों की मौत के बाद सामने आए सुसाइड नोट में एआरटीओ के गबन की बात सामने आई। शिवाकांत दिबियापुर रोड स्थित स्टेट बैंक में आउटसोर्सिंग कर्मचारी के तौर पर काम करता था। एआरटीओ कार्यालय में नकद जमा होने वाले चालान की बैंक में अदायगी को लेकर हुई गड़बड़ी की भरपाई को लेकर शिवाकांत पर आरोप लगाए गए।
परिजनों ने आरोप लगाया कि एआरटीओ कार्यालय के लेखाकार ललितकांत कटियार व नेता मिश्रा ने जबरन दबाव बनाया। कुछ धनराशि जमा भी करा ली। लगातार धमकी के बीच शिवाकांत ने जहर निगल लिया। तहरीर के आधार पर एआरटीओ कार्यालय के लेखाकार ललितकांत को पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया। वहीं मामले गबन को लेकर कानपुर आरटीओ को जांच सौंपी गई। जांच टीम की ओर से चालान के दस्तावेज मांगे गए।
इसके बाद एआरटीओ अशोक कुमार ने ललितकांत पर चालान के दस्तावेज गायब करने का आरोप लगाते हुए दिबियापुर थाना में मुकदमा दर्ज करा दिया। किसी तरह जांच टीम ने ट्रेजरी से लेकर बैंक से चालान का ब्योरा निकलवाया। सभी की निगाहें मामले को लेकर एक ही बात पर टिकी हैं। गबन का दोषी कौन और कितना गबन हुआ।
हालांकि गबन को लेकर जहां 19 लाख की चर्चा थी, वहीं सूत्रों की माने तो यह आंकड़ा 30-35 लाख का हो सकता है। जांच अधिकारी भी एक साल के चालान को खंगालने के बाद बड़ी अनियमितता की ओर इशारा कर रहे हैं। दोषी कौन, इसे लेकर कर्मचारी से लेकर अधिकारी भी निशाने पर हो सकते हैं। इसके पीछे की वजह यह भी है कि मृतक शिवाकांत के सुसाइड नोट में अधिकारियों के संज्ञान में पूरा मामला होने की बात का जिक्र किया। सब कुछ जानने के बाद भी अधिकारी चुप रहे।
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पांच जनवरी को हुई दंपती की मौत के बाद घटनाक्रम...
- मृतक शिवाकांत परिजन ने सदर कोतवाली में आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराया
- पुलिस ने एआरटीओ कार्यालय के लेखाकार ललितकांत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया
- लेखाकार को निलंबित कर दिया गया
- सुसाइड नोट सामने आने के बाद कानपुर आरटीओ स्तर से गबन की जांच शुरू कराई गई
- एक साल के चालान का ब्योरा एआरटीओ से जांच टीम ने मांगा
- दो बार लिखित में एआरटीओ को जांच टीम ने पत्र भेजा
- एआरटीओ अशोक कुमार ने दिबियापुर थाना में लेखाकार के खिलाफ कागजात गायब करने का मुकदमा दर्ज करा दिया, कागजात नहीं दे सके
- बैंक व ट्रेजरी से जांच टीम ने चालान जुटाए
- एक साल के चालान के साथ जनवरी व फरवरी माह के चालान भी मांगे गए
- प्रत्येक माह अदायगी का आकलन किया गया
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वर्जन
सोमवार को एआरटीओ कार्यालय में गबन की हकीकत स्पष्ट हो जाएगी। कितना गबन हुआ इसका सटीक आकलन कर लिया गया है। जांच आख्या में एक-एक बिंदु को स्पष्ट कर दिया जाएगा।
-प्रदीप कुमार, लेखाधिकारी आरटीओ कानपुर
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