औरैया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम कोर्ट ने सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में आठ वर्ष पूर्व एक नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ करने के दोषी को तीन साल के कठोर कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी कर रहे डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि आठ साल पूर्व कोतवाली औरैया में पीड़िता की मां ने रिपोर्ट लिखाई कि उसका पति बाहर नौकरी करता है। सुबह वह घर के काम निपटा रही थी और उसकी 13 वर्षीय पुत्री सुबह छह बजे खेत पर गई थी। इसी बीच सुबह अभियुक्त बंटी खेत में आ धमका और पुत्री को बुरी नीयत से पकड़ने लगा। बेटी के चिल्लाने पर आरोपी धमकाते हुए भाग निकला। तहरीर पर पुलिस ने छेड़खानी व पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की।
पुलिस ने विवेचना कर बंटी निवासी रौतियापुर औरैया के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनराज सिंह की कोर्ट में चला। मुकदमे की पैरवी कर रहे अधिवक्ता जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोपी को कठोर दंड देने की मांग की। वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने उसे निर्दोष बताया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे मनराज सिंह ने अभियुक्त बंटी को तीन साल के कठोर कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले में अर्थदंड की धनराशि में से आधी पीड़िता को चिकित्सीय व्ययों एवं पुनर्वास की पूर्ति के लिए अदा करने का भी कोर्ट ने आदेश किया है।